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India-Pakistan: अब सीमा के 59 गावों में पाकिस्तान का नहीं,भारत का सिग्नल आएगा

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों और चैकपोस्ट पर पाकिस्तान के मोबाइल सिग्नल आने से खलबली मची है। ऐसे सभी गांवों व चैकपोस्ट को अब पुख्ता तरीके से मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, जिससे वहां पाकिस्तान के मोबाइल सिग्नल कनेक्टिविटी से जुड़ने की आशंका को खत्म किया जा सके।

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BSF can now search and arrest deeper inside Assam, Bengal and Punjab

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों और चैकपोस्ट पर पाकिस्तान के मोबाइल सिग्नल आने से खलबली मची है। ऐसे सभी गांवों व चैकपोस्ट को अब पुख्ता तरीके से मोबाइल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, जिससे वहां पाकिस्तान के मोबाइल सिग्नल कनेक्टिविटी से जुड़ने की आशंका को खत्म किया जा सके।
दूरसंचार विभाग ने हाल ही इंटेलीजेंस अफसरों के साथ राजस्थान के 4 जिलों में फैली पाकिस्तान से लगी 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मोबाइल कवरेज ड्राइव टेस्ट किया, जिसमें यह हालात सामने आए हैं। यह पाया गया कि 138 में से 59 गांवों में या तो सिग्नल था ही नहीं, या फिर कनेक्टिविटी बेहद कमजोर थी।
उसके बाद 14 इलाकों में मोबाइल ऑपरेटरों से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई गई। बाकी 45 गांव में टावर व बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। खास यह है कि सीमा से 10 किलोमीटर अंदर तक सभी इलाकों में अब पुख्ता मोबाइल कनेक्टिविटी को अनिवार्य कर दिया गया है।

14 गांवों में नेटवर्क पुख्ता किया गया

1. बाड़मेर- बिन्दूसियानी, उम्मेदपुरा, राठौड़ों का तला, बीओपी (बभूते की ढाणी, हाथला, मुनाबाव)

2. श्रीगंगानगर- सुन्दरपुरा, मदनलाल, 3-एफसी, 3-एफीबी (शेख सरपाल), भुट्टीवाला, संगतपुर, रेनुका, बीओपी-सखी

अब इस फंड से लगेंगे टावर

45 गांव और चैकपोस्ट इलाकों से मोबाइल टावर बहुत दूर हैं। इसके लिए इन्हीं इलाकों में अलग से टावर लगाए जाएंगे। इसका खर्चा यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेटरी फंड से होगा। यह फंड दूरसंचार विभाग के पास है, जिसमें मोबाइल ऑपरेटर से एकमुश्त राशि ली जाती है।

प्रदेश के चारों जिलों में शामिल पाकिस्तान बॉर्डर इलाके में ड्राइव टेस्ट किया गया, जिसमें कई गांव, चैकपोस्ट में कवरेज नहीं होना सामने आया है। बॉर्डर से सटे 10 किलोमीटर तक के इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है।

सिद्धार्थ पोखरना, वरिष्ठ उपमहानिदेशक दूरसंचार विभाग