
सरकार की नजर चुनाव पर...इसलिए अब अब बेईमान बिजली उपभोक्ताओं पर गिरेगी गाज
भवनेश गुप्ता
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में अभी 22 माह से ज्यादा समय बाकी है, लेकिन सरकार अभी से फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। यही कारण है कि डिस्कॉम्स की ओर से बिजली दर से जुड़ी नई टैरिफ पीटिशन (एक माह के भीतर होगी दायर) पर सरकार ने निगाह गड़ा दी है। पीटिशन में खर्चों के अलावा मुख्य रूप से घाटा और विद्युत लॉस (चोरी व छीजत) पर नजर है, क्योंकि डिस्कॉम्स बिजली दर बढ़ोत्तरी में विद्युत लॉस और घाटे का भी तर्क देते रहे हैं। यही कारण है कि सरकार ने एक बार फिर डिस्कॉम्स को हर स्तर पर विद्युत लॉस 15 प्रतिशत लाने के लिए निर्देश दिए हैं। इस मामले में डिस्कॉम्स के चेयरमेन भास्कर ए. सावंत भी मॉनिटरिंग में जुट गए हैं। उन्होंने अफसरों को दो टूक निर्देश दे दिए हैं कि बेईमान उपभोक्ताओं के प्रति किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाए। जो भी बिजली चोरी या विद्युत तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है, उनके खिलाफ सख्त एक्शन हो।
दरअसल, सरकार चुनाव से पहले किसी भी स्तर पर अब बिजली दर बढ़ोत्तरी की स्थिति से दूर रहना चाहती है। हालांकि, प्रदेश की बिजली वितरण निगमों में अब भी बिजली छीजत का ग्राफ 20 फीसदी बना हुआ है। जबकि, बिजली कंपनियों का घाटा 90 हजार करोड़ से ज्यादा पहुंच गया है।
यह है ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन लॉस
जयपुर— 22 प्रतिशत
अजमेर— 12.16 प्रतिशत
जोधपुर— 23 प्रतिशत
(यह स्थिति अभी तक की है, मार्च अंत तक इसमें बदलाव का दावा किया जा रहा)
चार माह में बिजली खरीद-खपत का आकलन
1. भरतपुर जोन— 4626.18 मिलीयन यूनिट की बजाय 3406.71 मिलीयन यूनिट की ही बिलिंग। 1219.47 मिलीयन यूनिट का बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर।
विद्युत लॉस— 26.36 प्रतिशत
2. जयपुर जोन— 20564.95 मिलीयन यूनिट खरीद, लेकिन 17699.72 मिलीयन यूनिट की ही बिलिंग संभावित। 2865.52 मिलीयन यूनिट बिजली की बिलिंग नहीं की जा सकेगी।
विद्युत लॉस— 13.93 प्रतिशत
3. कोटा जोन— 5267.89 मिलीयन यूनिट बिजली खरीद, जबकि 4381.23 मिलीयन यूनिट छीजत व चोरी होने की स्थिति बताई है।
विद्युत लॉस— 16.83 प्रतिशत
(भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, दौसा, जयपुर, टोंक, झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी जिले शामिल हैं)
इस सरकार में औसतन 1.50 रुपए यूनिट की बढ़ोत्तरी
सत्ताधारी कांग्रेस सरकार में अब तक उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज के रूप में औसतन 35 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भार आ चुका है। यह राशि पिछले वर्ष फरवरी में बढ़ी विद्युत दर के अतिरिक्त है। दोनों को जोड़ें तो सामान्य उपभोक्ता को औसतन करीब 1.50 रुपए प्रति यूनिट ज्यादा राशि देनी पड़ रही है।
विद्युत लॉस का पूछा कारण, बताना होगा काम का हिसाब
डिस्काम्स अध्यक्ष भास्कर ए. सावंत ने सोमवार वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिए तीनों डिस्कॉम्स के कार्य की समीक्षा की।सभी सर्किल इंचार्ज से सभी सब-डिविजन में गत वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में बढ़े विद्युत लॉस का कारण पूछा है। इस बीच कृषि कनेक्शन के सभी डिफेक्टिव मीटर बदलने का काम अगले दो माह में पूरा करने के लिए कहा।
Published on:
25 Jan 2022 11:51 pm
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