
अब राजस्थान हो या कोई अन्य प्रदेश यहां का कोई भी ग्रिड हैक नहीं कर पाएगा। अब न ही प्रदेश में ब्लैक आउट होगा। देश के पावर ग्रिड और अन्य संस्थानों को साइबर हमलों और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए जल्द आधुनिक एवं स्मार्ट विद्युत वितरण प्रणाली लागू की जाएगी। केंद्र सरकार ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार इससे देश में आधुनिक ऊर्जा पारेषण प्रणाली का रास्ता साफ होगा।
नई प्रणाली में वास्तविक समय में निगरानी, ग्रिड का स्वचालित संचालन, स्थिति का बेहतर आकलन, ऊर्जा मिश्रण में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता जैसी अन्य विशेषताओं को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेविजेंस (एआइ) का इस्तेमाल किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्रालय ने सितंबर, 2021 में एक कार्यबल का गठन किया था। ये सिफारिशें उसी कार्यबल की रिपोर्ट का हिस्सा हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने पिछले हफ्ते कहा था कि भरोसेमंद एवं किफायती ऊर्जा निरंतर प्रदान करने की सरकार की संकल्पना को साकार करने के लिए आधुनिक ट्रांसमिशन ग्रिड बहुत जरूरी है।
हैकर्स के निशाने पर रहे हैं पावर ग्रिड
साइबर हैकरों ने कई बार भारत की बिजली आपूर्ति प्रणाली पर हमला किया है। एनवाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक चीन से जुड़े हैकर समूहों को मुंबई में अक्टूबर, 2021 के आउटेज के लिए जिम्मेदार माना गया था। विश्व स्तर पर भी हैकर्स की ओर से पावर ग्रिड और अन्य बिजली प्रतिष्ठानों को लक्षित किए जाने के उदाहरण हैं। कैलिफोर्निया में पावर ग्रिड को पिछले 10 साल में कई बार हैकर्स ने निशाना बनाया है।
Published on:
09 Mar 2023 07:28 pm
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