जयपुर, 25 जून
शहर में लोगों को अब ताजा और ऑर्गेनिक फ्रेश फ्रूट्स, वेजिटेबल्स और खाद्यान (Organic Fresh Fruits, Vegetables and Foods) आसानी से मिल सकेंगे। एग्रीकल्चर मिनिस्टर लाल चंद कटारिया (Agriculture Minister Lal Chand Kataria) ने शुक्रवार को दुर्गापुरा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट कैम्पस (Durgapura Agriculture Management Institute Campus) में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट परचेज सेंटर का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर कटारिया ने कहा कि लोग दिनों दिन शुद्ध खाने को लेकर जागरुक हो रहे हैं और उनका ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के प्रति रुझान बढ़ रहा है। इससे मार्केट में खाने के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है। किसान भी मॉडर्न टेक्नीक और पारम्परिकता के साथ ऑर्गेनिक फार्मिंग की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स किसानों की मार्केट तक पहुंच बढ़ाने और उपभोक्ता को आसानी से सॢटफाइड ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स मुहैया कराने के लिए इस सेंटर की शुरुआत की गई है। किसान शुरुआत में सप्ताह में दो दिन सोमवार और गुरुवार को यहां फ्रेश ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स लेकर आएंगे और बेचेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में पंत कृष भवन और शहर के प्रमुख पार्कों के गेट पर भी ऐसे विक्रय केंद्र शुरू करने की योजना है जहां ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की खरीद.बिक्री हो सके।
एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेट्री भास्कर ए सावंत ने बताया कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग को देखते हुए उत्पादक और उपभोक्ता को इस केन्द्र के माध्यम से प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। यहां नागरिकों को वाजिब कीमत पर आसानी से फ्रेश ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए खरीद.बिक्री का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी मुहैया कराया जाएगा।
एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के कमिश्नर डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट विक्रय प्रोत्साहन स्थल पर 12 स्टॉल लगाई गई हैं, जहां किसान सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अपने सर्टिफाइड ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स बेचेंगे। यहां फ्रेश ऑर्गेनिक सब्जी, फल, सूखे पैकेज्ड आइटम और खाद्यान उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर कॉपरेटिव डिपार्टमेंट के रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल, राजफेड प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा, होर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के कमिश्नर अभिमन्यु कुमार, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के संयुक्त शासन सचिव एसपी सिंह सहित विभागीय अधिकारी और जैविक उत्पादक किसान उपस्थित थे।