
आरटीयू कोटा. : बेशर्मी की क्लास में नई स्टूडेंट की एंट्री, प्रोफेसर के घर जाकर मिड टर्म टेस्ट की कॉपियां चेक करती थी ईशा
आरटीयू में एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार की सहयोगी छात्रा ईशा की जमानत अर्जी पर न्यायालय में बहस अब 2 जनवरी को होगी। एसआईटी ने ईशा को 28 दिसम्बर को गिरफ्तार किया था। ईशा की ओर से उसके वकील ने जमानत के लिए अर्जी दी थी। इस मामले में 29 दिसम्बर को बहस होनी थी, लेकिन वकील ने बहस के लिए समय मांगा। न्यायालय ने 31 दिसम्बर की तारीख दी थी। शनिवार को वकील ने फिर बहस के लिए समय मांगा। जिस पर न्यायालय ने अगली तारीख 2 जनवरी दी है।
इधर, नम्बर बढ़ाने के लिए स्टूडेंट से इज्जत मांगने के मामले की जांच के लिए कुलपति ने 21 दिसंबर को 3 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। अभी तक कमेटी जांच पूरी नहीं कर पाई है। जबकि तीन दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश थे। जांच कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर एसके राठौड़ का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। स्टूडेंट को शिकायत देेने के लिए पत्र लिखा था।
कमेटी ऑफिस और सेक्शन से अलग-अलग पहलुओं पर सूचनाएं एकत्रित कर रहे हैं। शीतकालीन अवकाश की वजह से कई छात्रों से बात नहीं हो पाई। अगले सप्ताह जैसे ही स्टूडेंट आएंगे, उसके बाद जांच आगे बढ़ेगी। जल्द रिपोर्ट तैयार करने की कोशिश करेंगे। आरोपी के पुराने मामलों को भी इस रिपोर्ट में शामिल करेंगे।
रजिस्ट्रार प्रहलाद मीणा ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार होने में 8 से 10 दिन और लगेंगे। इधर, मामले की जांच के लिए दिल्ली से आई राष्ट्रीय महिला आयोग की 3 सदस्यीय टीम 2 दिन में जांच पूरी कर दिल्ली रवाना हो चुकी है। एसआईटी भी छात्रा की शिकायत पर जांच के बाद आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर व बिचौलिए छात्र-छात्रा को गिरफ्तार कर चुकी है।
परमार पर एक और आरोप
इधर, एसोसिएट प्रोफेसर परमार पर एक और आरोप लगा है। अस्मिता आर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष व संस्थापिका प्रतिभा माहेश्वरी का कहना है कि परमार की ओर से एक स्टूडेंट को कम नम्बर दिए जाने की शिकायत स्टूडेंट ने हमारे एनजीओ से की थी। हमने इसकी लिखित शिकायत अगस्त में आरटीयू प्रशासन से की थी, लेकिन मामले को दबा दिया गया। माहेश्वरी ने बताया कि परमार का एक महिला कर्मचारी से विवाद हो गया था।
कर्मचारी के पति ने परमार की पिटाई कर दी थी। इससे नाराज परमार ने महिला कर्मचारी के घर में किराए से रहने वाले इलेक्ट्रोनिक विभाग के आठवें सेमेस्टर के सवाईमाधोपुर निवासी छात्र अमन सिंह मीणा को फेल कर दिया था। शिकायत पर आरटीयू प्रशासन ने कॉपी रि-चैकिंग का लिंक खोला, तोे पता चला कि अमन की कॉपी की जांच ही नहीं की गई।
फिर ऑफलाइन आवेदन करवाया गया। आरटीआई के माध्यम से कॉपी निकलवाई गई। कॉपी में 16 से 22 तक के सवालों के उत्तरों पर मार्किंग नहीं की गई थी। उत्तर कुंजी भी उपलब्ध नहीं करवाई गई। अमन ने रि-चैकिंग के लिए आवेदन किया, लेकिन एसोसिएट प्रोफेसर के दबाव में एक नम्बर और काटकर उसे ढाई नम्बर से फेल कर दिया।
Published on:
01 Jan 2023 04:20 pm
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