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खुशखबर : रेलवे के इस कदम से कंफर्म टिकट के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

रेलवे ट्रेनों में बरसों से चली आ रही पेपर चार्ट प्रणाली खत्म करने में जुटा है। इसके लिए रेलवे टीटीई स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन (एचएचटी) मशीन दी जा रही है। इससे न केवल टिकट चैकिंग स्टाफ को सहूलियत मिल रही है बल्कि आरएसी टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल रही है।

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Hand Held Machine

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जयपुर. रेलवे ट्रेनों में बरसों से चली आ रही पेपर चार्ट प्रणाली खत्म करने में जुटा है। इसके लिए रेलवे टीटीई स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन (एचएचटी) मशीन दी जा रही है। इससे न केवल टिकट चैकिंग स्टाफ को सहूलियत मिल रही है बल्कि आरएसी टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल रही है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों में यात्री को सीट का आवंटन चार्ट के माध्यम से किया जाता है। चार्ट ट्रेन के रवाना होने के चार घंटे पहले तैयार हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति चार्ज बनने के बाद टिकट कैंसिल करता है तो, उसकी जानकारी चार्ट में अंकित नहीं हो पाती है। जिससे आरएसी टिकट पर सफर करने वाले यात्री को टिकट चैकिंग स्टाफ खाली सीट का आंवटन नहीं कर सकता है। साथ ही चार्ट बनाने के लिए पेपर की छपाई में भी रेलवे का खर्चा होता है। इससे निजात पाने के लिए रेलवे ने उत्तर पश्चिम रेलवे के 1819 टिकट चैकिंग स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन (एचएचटी) मशीन दे दी हैं। इस मशीन का उपयोग 439 ट्रेनों में किया जा रहा है।

20 हजार से ज्यादा सीटे दिलवा रहे

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि इस मशीन में कैंसिल टिकट या खाली सीट की सूचना तुरंत अपडेट हो जाती है। जिससे यात्री को आसानी से सीट आवंटित कराई जा सकती है। सूत्रों की माने तो, हर महीने 20 हजार से ज्यादा आरएसी सीट यात्रियों को आवंटित की जा रही है।

यहां इतनी ट्रेनों में सुविधा

जयपुर मंडल में 150
अजमेर मंडल में 108
जोधपुर मंडल में 91
बीकानेर मंडल में 90

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों में यात्री को सीट का आवंटन चार्ट के माध्यम से किया जाता है। चार्ट ट्रेन के रवाना होने के चार घंटे पहले तैयार हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति चार्ज बनने के बाद टिकट कैंसिल करता है तो, उसकी जानकारी चार्ट में अंकित नहीं हो पाती है। जिससे आरएसी टिकट पर सफर करने वाले यात्री को टिकट चैकिंग स्टाफ खाली सीट का आंवटन नहीं कर सकता है। साथ ही चार्ट बनाने के लिए पेपर की छपाई में भी रेलवे का खर्चा होता है। इससे निजात पाने के लिए रेलवे ने उत्तर पश्चिम रेलवे के 1819 टिकट चैकिंग स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन (एचएचटी) मशीन दे दी हैं। इस मशीन का उपयोग 439 ट्रेनों में किया जा रहा है।

20 हजार से ज्यादा सीटे दिलवा रहे

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि इस मशीन में कैंसिल टिकट या खाली सीट की सूचना तुरंत अपडेट हो जाती है। जिससे यात्री को आसानी से सीट आवंटित कराई जा सकती है। सूत्रों की माने तो, हर महीने 20 हजार से ज्यादा आरएसी सीट यात्रियों को आवंटित की जा रही है।