
ashok gehlot
जयपुर। ओबीसी आरक्षण विसंगति मामला अब राज्य की गहलोत सरकार के लिए ही गलफांस बन गया है। कैबिनेट की बैठक में ओबीसी आरक्षण विसंगति मामले पर चर्चा नहीं होने के बाद अब सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दिलचस्प बात तो यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भी इन दिनों जमकर इस मामले में निशाने पर हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ भी सोशल मीडिया पर जमकर मुहिम चल रही है, अपने खिलाफ चल रही मुहिम को लेकर कैबिनेट मंत्री खाचरियावास का बयान भी सामने आया है कि मैंने कभी भी ओबीसी आरक्षण का विरोध नहीं किया है और ना ही करूंगा।
एक बार पुनः कहना चाहूंगा कि ये सिर्फ मुझे बदनाम करने की साजिश है। मैं तो खुद मुख्यमंत्री से यब बात कह चुका है कि जल्द से जल्द ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के इन जाट विधायकों ने खोला मुख्यमंत्री खिलाफ मोर्चा
इससे पहले ओबीसी आरक्षण विसंगति का मामला कैबिनेट की बैठक में चर्चा नहीं होने को लेकर बायतु से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हरीश चौधरी ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि ओबीसी आरक्षण विसंगति मामले को कैबिनेट की बैठक पर रखने के बावजूद एक विचारधारा विशेष के द्वारा इसका विरोध चौंकाने वाला है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, मैं स्तब्ध हूं आखिर क्या चाहते हैं आप? मैं ओबीसी वर्ग को विश्वास दिलाता हूं कि इस मामले को लेकर जो लड़ाई लड़नी पड़ेगी मैं लडूंगा। इस मामले को लेकर हरीश चौधरी ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया से भी मुलाकात की थी।
-दिव्या मदेरणा
कांग्रेस की तेज तर्रार विधायक दिव्या मदेरणा ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर ओबीसी आरक्षण विसंगतियां दूर करने की मांग की थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि ओबीसी विसंगतियों का शीघ्र समाधान का आश्वासन देने के 1 माह बाद भी इसका समाधान नहीं हो पाया।
रामनिवास गावड़िया
सचिन पायलट कैंप के माने जाने वाले रामनिवास गावड़िया ने भी ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था। गावड़िया ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि कैबिनेट बैठक में सरकार की चुप्पी युवाओं में निराशा भाव पैदा कर चुका है। युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, सरकार समय रहते संज्ञान ले अन्यथा जो भी परिणाम होंगे हम नौजवानों के साथ हर मोर्चे पर तैयार खड़े मिलेंगे।
मुकेश भाकर
वहीं सचिन पायलट कैंप के मुकेश भाकर ने भी ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। मुकेश भाकर ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि मुख्यमंत्री जी आप ओबीसी वर्ग के युवाओं के सामने आकर अपनी ओर से एक बात साफ कर दीजिए कि क्या आप किसी के दबाव में ओबीसी वर्ग के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं या आपकी खुद की ओबीसी आरक्षण विसंगति दूर करने की इच्छा नहीं है ।
अगर सरकार ने ओबीसी वर्ग की इस समस्या का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में सरकार और पार्टी खिलाफ प्रदेश में जो माहौल बनेगा उसके लिए जिम्मेदार मुख्यमंत्री जी आप खुद होंगे। मेरे लिए पद से पहले प्रदेश के युवाओं को इंसाफ दिलवाना प्राथमिकता में है।
गौरतलब है कि साल 2018 में पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के समय कार्मिक विभाग ने प्रदेश के 21 फीसदी ओबीसी आरक्षण में भूतपूर्व सैनिक सैनिकों को शामिल कर लिया था, जिसके चलते भर्तियों में भूतपूर्व सैनिकों को ही प्राथमिकता पर रखा जा रहा है।
प्रदेश में ओबीसी वर्ग से अन्य आने वाली जातियों के अभ्यार्थियों को भर्तियों में मौका नहीं मिल पा रहा है, इसे लेकर लंबे समय से ओबीसी आरक्षण की विसंगतियां दूर करने की मांग की जा रही थी। इसे लेकर लंबे समय तक प्रदेश में आंदोलन भी चला था। इस पर सरकार ने आंदोलनकारियों से हुई वार्ता के दौरान कैबिनेट की बैठक के जरिए विसंगतियां दूर करने का आश्वासन दिया था।
वीडियो देखेंः- CM Gehlot ने Cabinet की बैठक में लिए ये अहम फैसले
Published on:
12 Nov 2022 12:37 pm
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