
Land Pooling Scheme: जयपुर। जयपुर शहर के सुनियोजित और संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से पांच नई लैंड पूलिंग योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है। इस संबंध में सोमवार को जेडीए के चिंतन सभागार में जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के विस्तार और आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जोन-14 के महल रोड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामचन्द्रपुरा, विधाणी, रामपुरा उर्फ कंवरपुरा, जयचंदपुरा और विमलपुरा (तहसील सांगानेर) में लगभग 350 हेक्टेयर क्षेत्र में दो लैंड पूलिंग योजनाएं प्रस्तावित की गईं। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में नियोजित आवासीय और सार्वजनिक ढांचे का विकास किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जोन-8 में सांगानेर क्षेत्र, जोन-10 में बस्सी क्षेत्र तथा जोन-12 में कालवाड़ क्षेत्र में एक-एक नई लैंड पूलिंग योजना प्रस्तावित की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर के बढ़ते विस्तार को सुव्यवस्थित करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत ढांचे को विकसित करना है।
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित नीतियों के अनुरूप इन योजनाओं के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक नगरीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके अंतर्गत पार्क, सीवरेज लाइन, ड्रेनेज व्यवस्था, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि, कम्युनिटी सेंटर, हेल्थ सेंटर या डिस्पेंसरी तथा धार्मिक स्थलों के लिए स्थान विकसित किया जाएगा।
इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जयपुर में सुनियोजित शहरी विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी, जिससे शहर के समग्र विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राज्य बजट में प्रदेशभर में 20 नई लैंड पूलिंग योजनाएं प्रारंभ करने की घोषणा की है। इन योजनाओं के माध्यम से शहरों के विस्तार को व्यवस्थित करते हुए बेहतर आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
लैंड पूलिंग योजना के तहत भूमि मालिक अपनी जमीन को योजना में शामिल करते हैं। विकसित होने के बाद उन्हें सुविधाओं से युक्त भूखंड वापस दिए जाते हैं। इससे क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का नियोजित विकास संभव हो पाता है।
नई लैंड पूलिंग योजना शहरों के सुनियोजित विकास के लिए लागू की जाने वाली एक शहरी विकास योजना है। इसमें सरकार या विकास प्राधिकरण किसानों या जमीन मालिकों से जमीन अधिग्रहित नहीं करता, बल्कि उनकी जमीन को एक साथ जोड़कर विकसित करता है और बाद में विकसित भूखंड का हिस्सा उन्हें वापस दे देता है।
इस योजना के तहत किसी क्षेत्र के कई भूमि मालिक अपनी जमीन को एक साझा योजना में शामिल करते हैं। विकास प्राधिकरण उस पूरे क्षेत्र का मास्टर प्लान बनाकर वहां सड़कें, पार्क, सीवरेज लाइन, ड्रेनेज, जलापूर्ति, बिजली, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास करता है। इसके बाद विकसित भूमि का एक हिस्सा मूल भूमि मालिकों को लौटा दिया जाता है, जबकि कुछ भूमि सार्वजनिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के लिए रखी जाती है।
Published on:
16 Mar 2026 10:23 pm
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