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भारी पड़ेगी अक्टूबर की बारिश, अनाज की उपज घटने के आसार

मानसून की वापसी के बीच देश के कई राज्यों में भारी बारिश हुई है। पानी भरने से तैयार धान की फसल किसान काट नहीं पा रहे हैं। सोयाबीन, कपास, दलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। टमाटर, प्याज सहित अन्य साग-सब्जियां सड़ गई हैं। चावल और ज्वार-बाजरा जैसे मोटे अनाज की उपज घटने की आशंका है। माना जा रहा कि खाद्य जिंसों की महंगाई से परेशान लोगों की दिक्कतें और बढ़ेंगी।

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मानसून की वापसी के बीच देश के कई राज्यों में भारी बारिश हुई है। पानी भरने से तैयार धान की फसल किसान काट नहीं पा रहे हैं। सोयाबीन, कपास, दलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। टमाटर, प्याज सहित अन्य साग-सब्जियां सड़ गई हैं। चावल और ज्वार-बाजरा जैसे मोटे अनाज की उपज घटने की आशंका है। माना जा रहा कि खाद्य जिंसों की महंगाई से परेशान लोगों की दिक्कतें और बढ़ेंगी।

मौसम विभाग ने संभावना जताई थी कि आठ अक्टूबर तक मानसून की वापसी हो जाएगी। इसके विपरीत दिल्ली, हरियाणा, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों में बारिश का दौर जारी है। विश्लेषकों का कहना है कि मौसम के कहर से अरबों रुपए की फसल बर्बाद हुई है। हालांकि, इसके आंकलन में समय लगेगा। नुकसान भरपाई के लिए किसान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

आलू, चना, मटर, मसूर, सरसों की बुवाई में देरी

मौसम चक्र में बदलाव चिंता बढ़ाने वाला है। उत्तर, मध्य व पश्चिमी भारत में अगले कुछ दिन बारिश से छुटकारा नहीं मिलेगा। ऐसे में रवि सीजन की बुवाई में विलंब होगा। आलू, चना, मटर, मसूर, सरसों की बुवाई पिछड़ गई है। जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहूं की बुवाई भी देर से होगी।

जून-जुलाई में सूखा...

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में इस साल औसत से कम बारिश हुई। जून-जुलाई में सूखे की मार पड़ी। धान की रोपनी नहीं हो पाई। पंप के पानी से धान लगाने वाले किसान अब कुदरत का कहर झेल रहे हैं।

सताएगी महंगाई...

नवी मुंबई स्थित एपीएमसी के व्यापारी प्रकाश भोईर ने कहा कि बारिश के चलते मंडी में आलू-प्याज, टमाटर आदि की आवक घटी है। 10 रुपए बंडल की पालक-मेथी 30 रुपए में मिल रही है। सभी सब्जियां सितंबर के मुकाबले महंगी हैं।

आखिर क्यों हो रही बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू है। उत्तरकाशी (उत्तराखंड), नजीबाबाद, आगरा (यूपी), ग्वालियर-रतलाम (मप्र) व गुजरात के भरुच से यह रेखा गुजर रही है। इस हफ्ते यह मध्य भारत और उत्तर पश्चिम होते हुए दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र के चलते उत्तर-पश्चिमी राज्यों में ज्यादा बारिश हुई।

धान तैयार, कटाई में दिक्कत
उत्तर और मध्य भारत में ज्यादातर धान की फसल तैयार है। खेतों में पानी भरने के कारण कटाई नहीं हो पा रही। तेज हवा से कई जगह फसल लेट गई है। इससे न सिर्फ उपज घटेगी बल्कि क्वालिटी भी खराब होगी। सभी किसान ईश्वर से प्रार्थना कर रहे कि आसमान साफ हो और धान घर लाएं।

बुवाई में देरी की आशंका
खेतों में पानी भरा है। सूखने के बाद ही फसल निकलेगी। तभी, रबी सीजन की तैयारी शुरू होगी। अक्टूबर में आलू, मटर, चना, सब्जियां बोई-लगाई जाती हैं। बुवाई में विलंब के चलते बाजार में उपज देरी से आएगी। गेहूं की बुवाई में भी देरी की आशंका जताई जा रही है।