
जयपुर। दो सौ फीट एक्सप्रेस हाईवे पर मंगलवार रात सडक़ दुर्घटना में घायल बुजुर्ग को 108 एम्बुलेंस कर्मी अपने आप अस्पताल जाने की कह वहां से बैरंग लौट गए। बाद में परिजन बुजुर्ग को अस्पताल लाए, जहां वे गंभीर हालत में है।
घायल भीमसिंह (70) मूलत: मित्रपुरा, सवाईमाधोपुर के हैं और यहां भतीजे नितिन के साथ जगन्नाथपुरी त्रिवेणी नगर में रहते है। मंगलवार रात करीब 11.30 बजे स्कूटी से शादी से लौटने के दौरान उन्हें किसी वाहन ने टक्कर मार दी। राहगीर की सूचना पर 108 एंबूलेंस मौके पर पहुंची। लोगों का आरोप है कि एंबुलेंसकर्मियों ने ही बुजुर्ग के मोबाइल से ही परिजनों को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया था। नितिन ने एंबूलेसकर्मी को अस्पताल पहुंचाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। परिजनों के पहुंचने से पहले ही एंबूलेंसकर्मी बुजुर्ग को सडक़ पर तड़पता छोड़ खाली एंबूलेंस लेकर लौट गए। करीब पौने घंटे में परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां लोगों की भीड़ मिली। परिजनों ने निजी वाहन से घायल को अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्येक फेरे का मिलता है पैसा
108 एंबुलेंस को मरीज को लाने व ले जाने के प्रत्येक फेरे के हिसाब से भुगतान मिलता है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि मंगलवार रात के इस फेरे को एंबूलेंसकर्मियों ने कैसे इंद्रज किया होगा। 108 एंबूलेंस को प्रत्येक कॉल पर जाने से पहले रजिस्टर में इन्द्राज भी करना पड़ता है। वहीं वापस लौटने के बाद भी लॉगबुक में रिपोर्ट लिखनी पड़ती है।
Published on:
14 Dec 2017 03:55 pm
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