24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Photos: कभी ऐसा दिखता था सवाई जयसिंह का बसाया ‘जयपुर‘

कभी ऐसा दिखता था सवाई जयसिंह का बसाया ‘जयपुर‘...

3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Nov 18, 2017

Old Jaipur

290 साल पहले बसा जयपुर आज परकोटे से निकलकर बाहर की तरफ फैल गया है। विकास का पहिया इतनी तेजी से घूम रहा है कि चारों दिशाओं में बसावट का दौर जारी है। सवाई जयसिंह ने जब जयपुर बसाया था तो शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका जयपुर विकास के सौपान इतनी तेजी से पार करेगा। इन सबके बीच यह भी किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि जिन विरासत पर हम इतराते हैं, विकास के दौर में उन पर भी दाग लग जाएगा। शहर का नक्शा 290 साल में बिलकुल पलट गया है। जहां बेलगाडिय़ां चलती थीं, वहां आज लो फ्लोर बसें चल रही हैं। लोग चौपालों में बैठकर शहर की चर्चा करते थे, अब लोगों को इसकी फुर्सत ही नहीं है। बदलाव आया है, लेकिन संस्कृति खोती जा रही है।

Old Jaipur

1829 गलता गेट: पहले सिर्फ प्रवेश गेट ही दिखता था। लोग लंबा पैदल रास्ता तय कर तीर्थ के दर्शन करने आते थे।

Old Jaipur

गलता गेट... 2017: अब यहां क्रंकीट का जंगल है।

Old Jaipur

57 साल पहले का जौहरी बाजार: 1943 के बाद मिर्जा इस्माइल ने जौहरी बाजार में बरामदे बनवाए थे। बरामदे बनने के बाद लोगों को धूप-बारिश से राहत मिली। उस दौरान यहां किसी तरह का अतिक्रमण नहीं था। लोग सडक़ पर सुगमता से आते-जाते थे।

Old Jaipur

अब... बरामदों पर कब्जे और जाम के हालात

Old Jaipur

छोटी चौपड़: 147 साल पहले चौपड़ के चारों ओर दुकानें हुआ करती थी, जिन पर लोग रोजमर्रा का सामान खरीदते थे। चांदपोल से छोटी चौपड की ओर... पहले... उस समय नहीं थी वाहनों की रेलमपेल

Old Jaipur

छोटी चौपड़ अब... मेट्रो का चल रहा काम। वाहन की रेलमपेल। आज हजारों लोगों के रोजाना आवागमन की गवाह छोटी चौपड़ कितनी बदल गई है।

Old Jaipur

एमआई रोड: 1905 लोगों का आने-जाने का मुख्य साधन साइकिल हुआ करता था। इससे कभी जाम के हालात भी नहीं बने। उस समय भीड़-भाड़ नहीं थी। अब... एमआई रोड

Old Jaipur

40 लाख के करीब है शहर की जनसंख्या, 789.52 वर्ग किमी में है शहर का विस्तार, 76.44 प्रतिशत है शहर की साक्षरता