आज भी यहां सोशल सब्जेक्ट जैसे संयुक्त परिवार, बालिका शिक्षा, दहेज, बेमेल विवाह, कन्या भू्रण हत्या पर माह में दो बार मीटिंग होती है।
राजपूत महिलाओं के एंटरटेनमेंट के लिए वर्ष 1928 में मरूधर कंवर ने रामनिवास बाग के निकट प्रेम कुमारी लेडीज क्लब की स्थापना की। राजपरिवार, उनके नजदीकी परिवारों और अभिजात्य वर्ग की महिलाएं यहां मनोरंजन और सोशल मीटिंग के लिए आती थी।
जब राजपरिवार की महिलाओं की बग्घी यहां आती तो पुरुषों के प्रवेश पर कड़ा पहरा लग जाता। उस समय यहां मीना बाजार भी लगता था। आजादी के बाद गायत्री देवी ने सुविधाओं में इजाफा करते हुए यहां महिलाओं के लिए बैडमिंटन कोर्ट और इंडोर गेम्स टेबल टेनिस व कैरम जैसे खेल शुरू करवाए। उन्होंने ही इसका नाम प्रेम कुमारी लेडीज क्लब से बदलकर लेडीज क्लब किया।
बाद में हर दो साल बाद यहां चुनाव होते। आज भी यहां सोशल सब्जेक्ट जैसे संयुक्त परिवार, बालिका शिक्षा, दहेज, बेमेल विवाह, कन्या भू्रण हत्या पर माह में दो बार मीटिंग होती है। इसके अलावा वर्षभर में व्याख्यान, संगोष्ठी, टॉक, फैशन शो और बाल दिवस पर मेला आयोजित होता है।
होली, दिवाली, तीज और लोहड़ी सहित सभी त्योहार सेलिबे्रट किए जाते हैं। जन्माष्टमी और शिवरात्रि पर तो मनोहारी झांकी सजाई जाती है। अप्रेल के पहले सप्ताह में क्लब स्थापना दिवस समारोह में ही पुरुषों की एंट्री होती है। वर्तमान में एक ही परिवार की वयोवृद्ध सदस्य पुष्पलता बैद (88), पुत्रवधू विनोद बैद (60) और पौत्रवधू समता बैद (38) सदस्य हैं।
कम की जमीन, भवन की परमिशन नहीं
वर्ष 1975 में सड़क चौड़ी करने के नाम पर लेडीज क्लब के दो बड़े हॉल तोड़ दिए गए। इसके बदले महाराजा कॉलेज या रामनिवास बाग में भूमि भी नहीं दी गई। इससे क्लब में भूमि कम हो गई। वर्ष
1973-74 में क्लब का रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया गया। हर साल टैक्स जमा करवाने के बावजूद भवन बनाने की अनुमति तक नहीं मिल पाई। यही कारण है कि न्यू मेम्बर्स का रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा।
स्थापना के समय से ही क्लब में महिलाओं के अधिकार, सशक्तीकरण और कुप्रथाओं पर चर्चा होती रही है। वर्ष 1928 में हुई फस्र्ट मीटिंग की मिनिट्स फर्स्ट प्रेसिडेंट दलजंग सिंह की हैंड राइटिंग में अब भी यहां सुरक्षित है। इसमें बाल और बेमेल विवाह पर चर्चा होने का जिक्र है।
तब आई थीं गायत्री देवी
विश्व की सुंदर महिलाओं में शुमार गायत्री देवी कुछ साल पहले दिवाली सेलिब्रेशन में लेडीज क्लब आई थी। वे सेलिब्रेशन में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुई थीं।
इसी तरह वर्ष 1968 में क्लब का रंग-तरंग कार्यक्रम रवीन्द्र मंच पर आयोजित हुआ। इसकी स्मारिका में एक्जीक्यूटिव मेम्बर्स के फोटो शामिल किए गए।