
जयपुर. पोलियो एक संक्रामक वायरल रोग है, जो की आमतौर पर छोटे में ज्यादा होता है। इसके विषाणु मुख्यत: मल-मौखिक जरिए सामान्य व्यक्ति में फैलता है (उदाहरण के लिए दूषित पानी या भोजन) यह व्यक्ति-से-व्यक्ति में फैलने वाला रोग है। यह रोग आंत में दोगुना हो हो जाता है। आंत के जरिए यह तंत्रिका तंत्र में पहुँच जाता है और पक्षाघात पैदा करता है।
पोलियो एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। जिससे इंसान मरता नहीं, बल्कि अपाहिज हो जाता है। इस बीमारी के कारण मरीज का एक या दोनों पैर काम करना बंद कर देते है। आजकल पोलियो की बीमारी बहुत तेजी से फ़ैल रही है। जिसका सबसे बड़ा कारण है, पोलियो के बारे में जागरूकता की कमी। अगर हम इस बीमारी के बारे में जागरूक हो जाए, तो हम अपने बच्चे को इस खतरनाक बीमारी से बचा सकते है।
पोलियो के कारण
- अत्यधिक संक्रमण वायरस के रूप में पोलियो संक्रमित मल के सम्पर्क के माध्यम से संचार करता है। कभी कभी यह छींक या खासी के माध्यम से भी संचार कर सकता है।
- गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग जैसे एचआईवी पॉजिटिव है, तो ऐसे में पोलियो होने की संभावना अधिक रहती है।
- अगर किसी व्यक्ति को पोलियो का टिका नही लगा है, और वह इस रोग से ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर रहे है, पोलियो रोगी की देखभाल कर रहे है या पोलियो प्रयोगशाला में काम कर रहे है, तो यह आप को भी हो सकता है।
पोलियो के लक्षण
- इसके रोगी को बुखार रहने लगता है।
- इस रोग से ग्रस्त रोगी को गले में खराश की समस्या रहती है।
- साथ ही इस रोग में सिरदर्द, उल्टी,थकान की समस्या बनी रहती है।
- रोगी को मांसपेशियों में खिचाव भी महसूस होता है।
पोलियो की रोकथाम के उपाय
- पोलियो की रिकवरी करने के लिए, मरीज को आराम करना जरुरी है।
- अगर आपको साँस लेने में कठिनाई हो रही है, तो साँस लेने के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर का उपयोग करे।
- मांसपेशियों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए गर्म तौलिए या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करे।
- मोबिलिटी डिवाइस या व्हीलचेयर का इस्तेमाल करे।
- शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करे।
Published on:
10 Aug 2018 03:21 pm
