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ओम बन्ना विशेष- बुलेट वाले बाबा की राजस्थान में ऐसे होती पूजा, तो इसलिए खास है ये कविता

प्रदेश में हर साल 11 नंबर को इस मंदिर में ओम बन्ना की पुण्यतिथि मनाने की परंपरा है। तो वहीं इसे लेकर लोगों में खास उत्साह भी दिखता है।
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जयपुर

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Punit Kumar

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Updated: 10 Nov 2017, 10:09 PM IST

Om Banna

सड़क हादसे को लेकर भारत में हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह जनवरी के महीने में मनाया जाता है। लेकिन यहां राजस्थान के पाली स्थित ओम बन्ना के मंदिर में लोग हर दिन सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना करते दिखाई देते हैं। यहां पिछले 28 सालों से ओम बन्ना की पूजा होती आ रही है। जबकि दूर-दराज के इलाकों में ये बुलेट बाबा के नाम से भी मशहूर हैं। प्रदेश में हर साल 11 नंबर को इस मंदिर में ओम बन्ना की पुण्यतिथि मनाने की परंपरा है। जिसमें हजारों लोग श्रद्धा-भाव से उनकी पूजा-अराधना करते हैं।

प्रदेश के पाली स्थित ओम बन्ना मंदिर में एक मोटरसाइकिल की पूजा देवता की तरह की जाती है। यहां काले रंग की एक रॉयल एनफील्ड बुलेट जो फूलों की माला से लदी एक शीशे के बक्से में रखी गई। इतना ही नहीं इस चमत्कारी मंदिर और ओम बन्ना में लोगों की आस्था इसी बात से दिखता है, कि यहां मंदिर में उनकी आरती के सामय एक साथ सैकड़ों लोग दर्शन के कतारों में खड़े रहते हैं तो वहीं प्रदेश में इनकी स्तुतिगान करते भी लोग आसानी से दिखाई पड़ जाते हैं। पाली के युवा कवि प्रमोद श्रीमाली भी ओम बन्ना से प्रभावित होकर उनके नाम से एक कविता की रचना कर चुके हैं।

ओम बन्ना पर युवा कवि प्रमोद श्रीमाली की रचना-

शीश नवावे आपने, कौम छत्तीसां आज,
थे लोगों रे हिवड़ै में रोज करौ हो राज।

देश-राज्य रा जातरूं, नित आवै हैं धाम,
धोक लगावे आपनै, झुक-झुक करै सलाम।

पुण्य तिथि माथै घणां करै भक्त अरदास,
थै पूरौ हो आस नै, ओ सबरौ विश्वास।

भजनां में महिमा कहै, गीतां गावै गीत,
कलजुग में थै बण गया जग रा सच्चा मीत।

जोत जगै जग-मग अठै, बीत्यां बरस अठाईस,
जो नित पूजै आपनै, सगळां बिसवाबीस।

बाइक सवार थे देवता, नवयुग रा अवतार,
जन-जन रै हित खातरै, थै व्हैग्या झूंझार।

ओम बन्ना सा देवता, थांरौ देस में नाम,
शब्द समर्पण सूं करै ओ प्रमोद प्रणाम।।