
ओम मेटल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को मिली अंतरिम राहत, राज्य सरकार को देने होंगे 191 करोड़ रुपए
जयपुर. ओम मेटल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सहायक कंपनी भीलवाड़ा जयपुर टोल रोड प्राइवेट लिमिटेड (बीजेटीआर) को हाइकोर्ट द्वारा नियुक्त आर्बिट्रेटर ने अंतरिम राहत दी है। इस मामले में अब राज्य सरकार को एस्क्रो अकाउंट में 191 करोड़ रुपए जमा कराने होंगे। दरअसल एक अप्रेल 2018 से स्टेट हाइवे पर निजी वाहनों को टोल टैक्स माफ करने के बाद से बीजेटीआर को भारी नुकसान हो रहा था। इसके बाद कंपनी ने एक नोटिस के माध्यम से तीन अक्टूबर 2018 को राज्य सरकार के साथ अपने करार को खत्म कर लिया था।
- क्या है मामला
मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने कंपनी और सरकार के विवाद के निपटारे के लिए एक आर्बिटे्रेटर नियुक्त किया। कंपनी ने माध्यस्थ अधिनियम की धारा 17 के तहत बैंक ऋण को सरकार द्वारा चुकाने और राज्य राजमार्ग की जिम्मेदारी पुन: राज्य सरकार को सौंपने की अंतरिम राहत मांगी थी। अब इस मामले में माध्यस्थ ने सुनवाई करते हुए सरकार को एस्क्रो अकाउंट में 191 करोड़ रुपए जमा कराने और राजमार्ग को सरकार के अधिकार में देने की राहत दी है। माध्यस्थ अधिनियम की धारा 34 के तहत नियमित कार्रवाई चलती रहेगी और कंपनी द्वारा किया गया 578 करोड़ रुपए का दावा सुनवाई के अधीन रहेगा।
410 करोड़ थी प्रोजेक्ट की लागत
212 किलोमीटर के बीजेटीआर प्रोजेक्ट की लागत 410 करोड़ रुपए थी। दिसंबर 2014 में इसका परिचालन शुरू हो गया था। गौरतलब है कि बीजेटीआर, ओम मेटल इंफ्रा की सहायक एसपीवी कंपनी है, जिसमें कंपनी की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। ओम मेटल्स इंफ्रा को हो रहे भारी नुकसान के चलते कंपनी का शेयर पिछले एक साल में 42 रुपए से गिरकर 19 रुपए तक आ गया है।
191 करोड़ रुपए आइसीआइसीआइ बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के ऋण अदायणी के रूप में दिए जाएंगे, यह राशि 578 करोड़ रुपए में से घटाई जाएगी।
सुनील कोठारी, कार्यकारी निदेशक, ओम मेटल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड
Published on:
01 Nov 2019 12:33 am
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