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दुनिया के एक अरब लोग बिजली के बिना इलाज कराने को मजबूर

स्वास्थ्य सेवाएं : उप-सहारा अफ्रीकी देशों के 10 में से एक अस्पताल में नहीं है बिजली सुविधा   करीब 400 अरब रुपए के खर्च की जरूरत

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जयपुर

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Aryan Sharma

Jan 15, 2023

दुनिया के एक अरब लोग बिजली के बिना इलाज कराने को मजबूर

दुनिया के एक अरब लोग बिजली के बिना इलाज कराने को मजबूर

जिनेवा. निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में लगभग एक अरब लोग बिजली कटौती या इसकी आपूर्ति के अभाव वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। यह संख्या अमरीका, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और जर्मनी की कुल आबादी के बराबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और वर्ल्ड बैंक के साथ अन्य संस्थाओं की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, डिलीवरी से लेकर हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान जीवनरक्षक टीकाकरण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के लिए बिजली की आपूर्ति जरूरी है।

उप-सहारा अफ्रीकी देशों में स्थिति गंभीर
रोशनी, संचार उपकरण, हार्ट बीट्स और ब्लड प्रेशर आदि को मापने वाले उपकरण जैसी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए बिजली आपूर्ति आवश्यक है। लेकिन, कई देशों के भीतर इसमें भारी असमानताएं हैं। शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों और सुविधाओं की तुलना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं पर बिजली की पहुंच काफी कम है। दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीकी देशों में 10 में से एक अस्पताल या क्लिनिक आदि पर बिजली की सुविधा नहीं है, जबकि उप-सहारा अफ्रीका की लगभग आधी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में आपूर्ति अनियमित है।

बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे में बदलाव की जरूरत
वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा में निवेश किया जाना चाहिए। महामारी की तैयारी और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज तक पहुंच के लिए भी यह आवश्यक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 63 निम्न और मध्यम आय वाले देशों में लगभग दो-तिहाई अस्पतालों में ऊर्जा के खराब बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए नए कनेक्शन या बैकअप पावर सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है। इसके लिए लगभग 400 अरब रुपए का खर्च आएगा।

भारत का उदाहरण...
रिपोर्ट में भारत का उदाहरण देते हुए कहा गया कि बिजली की निरंतर आपूर्ति से प्रसवपूर्व देखभाल और बच्चों के टीकाकरण में वृद्धि होती है। भारत में ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), जहां नियमित बिजली आपूर्ति थी, उन्होंने पावर कट या बिजली के बिना वाले पीएचसी की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक रोगियों को टीकाकरण और डिलीवरी की सेवाएं प्रदान की। इसी तरह पावर कट की स्थिति में बैकअप जेनरेटर वाले पीएचसी ने इस सुविधा के अभाव वाले पीएचसी की तुलना में दोगुने प्रसव करवाए।