आगरा। एक कहावत तो आपने सुनी होगी, दिया तले अंधेरा। कुछ ऐसे ही होता है आगरा में। यहां का पागलखाना अपने वृहद स्वरूप को लेकर मशहूर है, इसके बावजूद आगरा की सडकों पर आपको पागल घूमते हुए मिल जायेंगे। पागलखाना होने के बावजूद इनका घर शहर की सड़कें क्यों बनी हैं, इस सवाल का जब जवाब तलाशा गया तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां तो हम बात कर रहे हैं, लावारिश की, यदि कोई परिजनों के साथ ही इलाज के लिए यहां भर्ती होना चाहता है, तो उससे इतनी प्रक्रिया कराई जाती हैं, कि वो भी घनचक्कर बन जाता है।