
World Liver Day
जयपुर, लाइफ स्टाइल में बदलाव और बिगड़ी खानपान की आदतों के कारण आज देश में लिवर से सम्बन्धित बीमारियों के मरीज काफी बढ़ गए हैं।
भारत में हर साल 2.75 लाख लोगों की लिवर की बीमारी से मृत्यु होती है। हर पांच में से एक व्यक्ति को लिवर से सम्बन्धित कुछ ना कुछ समस्या है। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी डॉ. अनिल जांगिड़ ने बताया कि लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के कारण लिवर की बीमारी पहचान में नहीं आती। जबकि इस बीमारी को रूटीन चेकअप से ही डायग्नोज किया जा सकता है। इसीलिए अस्पताल पहुंचने तक बीमारी एडवांस स्टेज तक पहुंच जाती है। इसका अंतिम इलाज लिवर ट्रांसप्लांट है जोकि डोनर न मिलने पर बहुत कम हो रहे हैं। इसीलिए लिवर से सम्बंधित बीमारियों को पहले डायग्नोज करके उसका उचित इलाज किया जाए जिससे बीमारी को एडवांस स्टेज तक पहुंचने से रोका जा सके।
लिवर संबंधित बीमारियां जैसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी अल्कोहिक लिवर डिजीज, फैटी लिवर डिजीज, लिवर सिरोसिस होने पर होने वाली लिवर की बीमारियों के जल्दी डायग्नोज के लिए सारे टेस्ट शुरू होंगे। जिससे मरीजों को फायदा मिलेगा। रुकमणी बिरला हॉस्पिटल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट के डॉ. अभिनव शर्मा ने बताया कि हाई रिस्क वाले मरीज जैसे मोटापा, डायबिटीज से ग्रसित लोग, अधिक शराब पीने वाले मरीजों पर ज्यादा फोकस किया जाता है। इन्हें स्क्रीन करके बीमारी को पहले ही डायग्नोज किया जाएगा।
Published on:
19 Apr 2023 11:19 pm
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