
जयपुर। राज्य सरकार ने गुर्जर समेत पांच जातियों को अलग एक फीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव को गुरुवार को हरी झंडी दे दी। इससे प्रदेश में आरक्षण पचास फीसदी हो गया है। गुर्जर समाज की चेतावनी के चलते सरकार घुटने टेकती दिखी। गत सप्ताह एकाएक अलग से एक फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसका अनुमोदन कैबिनेट से सर्कुलेशन के माध्यम से करवाया गया। इसके बाद सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और गुरुवार को कैबिनेट आज्ञा जारी की गई। इसके बाद प्रदेश में 50 फीसदी आरक्षण हो गया। जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और नौकरियों में एक फीसदी आरक्षण रहेगा।
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गौरतलब है कि विधानसभा में गत दिनों सरकार ने गुर्जर समेत पांच जातियों को फीसदी आरक्षण के मसले के चलते एक विधेयक पेश किया था। इस पर विधानसभा ने ओबीसी का वर्गीकरण कर पांचों जातियों को आरक्षण देने के निर्णय करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया था। राज्य सरकार इस पर कुछ कर पाती, इससे पहले शीर्षकोर्ट ने विधेयक को फिलहाल कानून में नहीं बदलने को कहा। ऐसे में सरकार फंस गई। इसी बीच गुर्जर समाज से सरकार की वार्ता तो हुई, लेकिन इसमें बात नहीं बन सकी। गुर्जर समाज के नेता सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर बैठक छोड़ गए थे।
तीन बार हो चुके हैं प्रयास
गुर्जर समेत पांच जातियों को पांच फीसदी आरक्षण देने के लिए तीन बार प्रयास कर चुकी है। हर बार सरकार को कोर्ट में जाकर यह व्यवस्था रद्द हो गई।
-एसबीसी में पहले भी दिया गया था एक फीसदी आरक्षण
पांच फीसदी आरक्षण का फार्मूला विफल होने पर सरकार ने पहले भी इन पांच जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग में मानते हुए एक फीसदी आरक्षण दिया था। 2015 में एसबीसी का नया कानून आने पर इसे रद्द कर दिया गया।
Updated on:
21 Dec 2017 09:57 pm
Published on:
21 Dec 2017 03:39 pm
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