
OPD in SMS Hospital is half of normal days
Resident doctors:
एसएमएस और सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए आज का दिन राहत से भरा रहा। 11 दिनों बाद आज यहां पर रेजिडेंट डॉक्टर्स ओपीडी में काम पर लौट आए, लेकिन आम दिनों की तुलना में यहां ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। 28 नवंबर से जब रेजिडेंट का कार्य बहिष्कार शुरू हुआ, तब से मरीज अस्पताल आते और निराश लौट रहे थे। लगातार डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिलने से यहां मरीजों का आना कम हो गया। इस कारण आज रेजिडेंट डॉक्टर्स के काम पर लौटने के बावजूद ओपीडी में मरीजों की संख्या लगभग आधी ही रही। हर दिन एसएमएस अस्पताल में 10 से 12 हजार की ओपीडी रहती है, आज यह 6 से 7 हजार ही रही। हर विभाग की ओपीडी बाकी दिनों की तुलना में खाली सी रही। जबकि आम दिनों में हर विभाग की ओपीडी के बाहर तक लम्बी लाइन लगती है। वहीं पर्ची कटवाने में भी लोगों की भीड़ नजर नहीं आई। वहीं दूसरी ओर इमरजेंसी में आने वाले मामलों में मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं रूटीन ऑपरेशन भी आज ही से शुरू किए जा सके हैं, ताकि वेटिंग कम की जा सके।
मेडिसिन विभाग भी खाली
इन दिनों मौसमी बीमारियों का दौर है और मेडिसिन विभाग के आउटडोर में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। यहां पर हर दिन 1500 से ज्यादा मरीज इन दिनों आ रहे हैं। जबकि आज सिर्फ 300 से 400 मरीज ही परामर्श के लिए पहुंचे।
बैंचे रही खाली
धनवतंरि ओपीडी के केंद्र में बना डोम की बैंचे तक आज खाली दिखी। जबकि यह बैंचे हर दिन फुल रहा करती। परिजनों को यहां बैठा देखा जा सकता है, लेकिन आज आधी बैंचों पर भी लोग नहीं दिखे।
इससे पहले बुधवार देर रात चिकित्सा सचिव वैभव गालरिया के साथ हुई वार्ता में रेजिडेंट डॉक्टर्स की 8 मांगें मान ली गईं। चिकित्सा सचिव ने लिखित में मांगे माने जाने का आश्वासन दिया, उसके बाद देर रात जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स के अध्यक्ष डॉ. अमित यादव ने कार्य बहिष्कार खत्म करने की घोषणा की।
Published on:
09 Dec 2021 06:01 pm
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