
होटलों और रेस्टोरेंट के खुलने चीनी की मांग सुधरेगी
अब जबकि देश 'अनलॉकÓ के चरण में है और मॉल्स तथा रेस्तरांओं को खोलने की अनुमति दी गई है, जून में चीनी की मांग और बढ़ेगी। इस्मा ने कहा कि गर्मियों की मांग के अलावा उम्मीद है कि चीनी मिलें न केवल अपना पूरा जून का कोटा बेच पाएंगी, बल्कि वे मई के बचे कोटा को भी बेच सकेंगी। सरकार ने मिलों को मई में 17 लाख टन और जून में 18.50 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति दी है। मई के कोटा को बेचने के लिए एक माह का समय और दिया गया है। इस्मा ने कहा कि चीनी मिलें अप्रेल में एक साल पहले की समान अवधि के बराबर चीनी बेच पाई हैं। इसकी वजह है कि फरवरी के अंत में चीनी मिलों ने 10 लाख टन की अतिरिक्त बिक्री की थी। बयान में कहा गया है कि उत्तर भारत की मिलें मई में अपने मासिक कोटा को बेचने में सफल रही हैं। लेकिन पश्चिम और दक्षिण भारत की मिलें के पास शायद कुछ मासिक कोटा बचा है। इस्मा ने कहा कि मांग बढ़ रही है। सितंबर में समाप्त होने वाले 2019-20 के चीनी वर्ष में चीनी की बिक्री संभवत: पिछले साल की तुलना में पांच लाख टन कम रहेगी। उत्पादन के बारे में इस्मा ने कहा कि 2019-20 (अक्टूबर से सितंबर) के सत्र में पहले आठ माह में चीनी का उत्पादन 2.68 करोड़ टन रहा है। हालांकि, यह पिछले साल की समान अवधि के 3.27 करोड़ टन के मुकाबले कम है। हालांकि, उद्योग संगठन का मानना है कि इस सत्र में चीनी का कुल उत्पादन 2.7 करोड़ टन पर पहुंच सकता है, जो उसके पहले के 2.65 करोड़ टन के अनुमान से अधिक है।
Published on:
02 Jun 2020 05:44 pm
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