
चिकित्सा विभाग करा रहा सीधी भर्ती, लैब टेक्निशियनों व सहायक रेडियोग्राफरों का विरोध, कहा— फर्जीवाड़ा नहीं होने देंगे
जयपुर। स्वास्थ्य भवन के बाहर शनिवार को लैब टेक्निशियनों व सहायक रेडियोग्राफरों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दिसंबर 2022 में होने वाली सीधी भर्ती को निरस्त करने की मांग की। उसमें संशोधन कर लिखित परीक्षा कराने के लिए मांग की। उनका कहना है कि सीधी भर्ती में फर्जीवाड़ा होगा। जिसकी वजह से योग्यता रखने वाले प्रतिभागियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में सीधी भर्ती को हटाकर लिखित भर्ती किया जाएं।
लैब टेक्निशियन सुखीराम चोयल ने बताया कि चिकित्सा विभाग की ओर से 2 दिसंबर 2022 को भर्ती जारी की गई थी। लैब टेक्निशियन व सहायक रेडियोग्राफर की लिखित परीक्षा होनी थी। यह परीक्षा 27 दिसंबर 2022 तबक होनी थी। लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब इस परीक्षा को सीधी भर्ती में बदल दिया गया है।
शिफू पर लगे आरोप....
प्रदर्शनकारी लैब टेक्निशियनों व सहायक रेडियोग्राफरों का कहना है कि राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्था (शिफू) को सीधी भर्ती कराने का आदेश दिया गया है। चिकित्सा विभाग की ओर से ये जिम्मेदारी शिफू को दी गई है। जबकी शिफू के पास अब तक सीधी भर्ती कराने या लिखित परीक्षा कराने का कोई अनुभव नहीं है। यह एक प्रशिक्षण संस्थान है। जो इस भर्ती को कराने के लिए हकदार नहीं है।
इसलिए हो रहा है विरोध प्रदर्शन...
लैब टेक्निशियनों व सहायक रेडियोग्राफरों की ओर से सीधी भर्ती का विरोध इसलिए किया जा रहा है। क्योकि इनका मानना है कि राजस्थान में लैब टेक्निशियन व सहायक रेडियोग्राफर के लिए तीन से चार साल पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर डिग्री— डिप्लोमा मिलते है। लेकिन बाहरी राज्यों में दो महीने में डिग्री डिप्लोमा मिल जाते है। साल 2020 की भर्ती में भी बाहरी राज्यों के अधिकांश लोगों ने सीधी भर्ती में नौकरी हासिल कर ली। ऐसे में जिन लोगों ने तीन—चार साल मेहनत कर पढ़ाई की। फिर उनकी मेहनत बेकार हो रही है। इनका कहना है कि लिखित परीक्षा से भर्ती कराई जाएं। ताकी इसमें यह स्पष्ट हो जाएगा कि लिखित में कौन पास हुआ है और कौन फेल। योग्यता के आधार पर योग्य व्यक्ति को नौकरी मिल जाएगी।
Published on:
10 Dec 2022 04:25 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
