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कर्मचारियों की मांगों के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठन के फैसले का विरोध

कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कमेटी का गठनमहासंघ लोकतांत्रिक ने किया विरोध, पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने भी किया कमेटी गठन का विरोध
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जयपुर

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Rakhi Hajela

Aug 05, 2021



जयपुर, 5 अगस्त
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित की गई समिति का राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक और पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। महासंघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बनवारी शर्मा, और पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से करना चाहिए। बनवारी शर्मा और अजय सैनी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से कियाजाना चाहिए। पूर्ववर्ती सरकार ने डीसी सामन्त कमेटी का गठन किया था, वर्तमान सरकार ने सामन्त कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर एक नई कमेटी का गठन किया है जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। महासंघ और संघ इसकी ङ्क्षनदा करता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों की मांगों के परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। यह समिति वेतन विसंगति, वेतन सुधार, पदोन्नति के अवसरों, एसीपी, भत्तों की निरंतरता एवं उपयोगिता, योग्यता, दायित्वों, वित्तीय भार इत्यादि के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों जैसे पटवारी, मंत्रालयिक और कांस्टेबल आदि की मांगों का अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं से तुलनात्मक अध्ययन, विश्लेषण एवं परीक्षण कर आवश्यक अनुशंसा करेगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी खेमराज चौधरी इस समिति के अध्यक्ष होंगे तथा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विनोद पांड्या समिति के सदस्य एवं संयुक्त सचिवए वित्त (नियम) सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि वित्त और विनियोग विधेयक 2021-22 पर चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री गहलोत ने कर्मचारी.अधिकारी संगठनों की मांगों के संबंध में उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की थी।