जयपुर. राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव होंगे। इसके बाद 2024 में लोकसभा चुनाव होंगे। राजस्थान में इन दिनों एक्सप्रेस वे का कार्य तेजी से चल रहा है। बूंदी और कोटा के बीच इसके कार्य ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में शेष रहे एक्सप्रेस वे की सौगात मिल जाएगी। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (डीएमई) 98,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। करीब 1380 किलोमीटर लंबा यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। यह राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली और वित्तीय राजधानी, मुंबई के बीच सम्पर्क (कनेक्टिविटी) को बढ़ाएगा। छह राज्यों से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत जैसे आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी में सुधार लाने के साथ ही लाखों लोगों के लिए आर्थिक समृद्धि लेकर आएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की शुरुआत 2018 में हुई थी। एक्सप्रेस-वे का 374 किमी भाग राजस्थान राज्य में होकर बन रहा है और इस खंड का निर्माण 16,600 करोड़ से अधिक की कुल पूंजीगत लागत से किया जा रहा है। राज्य की बढ़ती आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए यह कॉरिडोर अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिलों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे के साथ इंटरचेंज के माध्यम से मौजूदा राजमार्ग नेटवर्क के साथ कॉरिडोर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कॉरिडोर के साथ प्रमुख इंटरचेंज की योजना बनाई गई है। ऐसा ही एक विशिष्ट इंटरचेंज दौसा के पास स्थित है।