
जयपुर। देश के विख्यात न्यूरोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ.अशोक पानगडिय़ा का गुरुवार को जयपुर में निधन हो गया। वे पोस्ट कोविड समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका जवाहर सर्किल स्थित इटरनल अस्पताल में उपचार चल रहा था। उपचार कर रहे चिकित्सकों के अनुसार 71 वर्षीय डॉ.पानगडिय़ा की 48 घंटे के दौरान तबीयत में काफी गिरावट थी। परिजनों के मुताबिक डॉ.पानगडयि़ा की इच्छा थी कि आखिरी समय उनका घर पर ही व्यतीत हो। उनके परिवार ने फैसला किया कि उनकी आखिरी पल परिवार के बीच में ही घर पर गुजरे, इसलिए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर दोपहर बाद घर पर शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्हें मोती डूंगरी स्थित उनके निवास पर ले जाया गया। घर ले जाने के कुछ देर बाद ही उनके निधन की घोषणा कर दी गई। आदर्श नगर स्थित मोक्षधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
डॉ.पानगडिय़ा भीलवाड़ा जिले के सुवाणा गांव के मूल निवासी थे। वे पहले कोविड संक्रमित हुए और उनका आरयूएचएस में उपचार चला, जिसके बाद वे कोरोना नेगेटिव हो गए थे। लेकिन किडनी व लंग्स में परेशानी के कारण उन्हें बाद में इटरनल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल कलराज मिश्र, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपूरणीय क्षति बताया है।
सीएम गहलोत जताया दुख
पनगढ़िया के निधन पर दुख जताते हुए ने सीएम गहलोत ट्वीट पर लिखा, राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात, जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट, पद्मश्री से सम्मानित डॉ.अशोक पनगड़िया के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। डॉ. पनगड़िया ने महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दीं एवं कोविड महामारी के समय में भी चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में प्रदेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. पनगड़िया का निधन चिकित्सा जगत एवं प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है शोकाकुल परिजनों एवं डॉ. पनगड़िया के मित्रों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। मुझे व मेरे परिवार को व्यक्तिगत क्षति हुई है, मेरे उनसे पारिवारिक रिश्ते रहे हैं लम्बे समय तक उन्हें भुलाना सम्भव नहीं होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दुख जताया है।
Published on:
11 Jun 2021 05:30 pm
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