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जैसलमेर में वर्षों से भारतीय नागरिकता के लिए इंतजार में रह रहे पाकिस्तानी विस्थापितों के परिवारों ने शुक्रवार को जुलूस निकालकर शीघ्र नागरिकता और अन्य आधारभूत सुविधाओं की मांग केन्द्र सरकार से की। जुलूस में पुरुषों के साथ महिलाओं की भी पूरी भागीदारी रही और उन्होंने हाथों में नागरिकता की मांग संबंधी तख्तियां थाम रखी थी।
गूंजा 'भारतमाता' की जय
शहर के मुख्य बाजारों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जुलूस में शामिल पाक विस्थापितों ने पूरे मार्गभर 'भारतमाता' की जय का नारा गुंजाया।तपती दोपहरी में ये विस्थापित गड़ीसर प्रोल, गुलासतला, आसनी पथ, गोपा चौक, सदर बाजार, गांधी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।वहां उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में ये रखी मांगें
पाकिस्तान विस्थापितों की ओर से सीमांत लोक संगठन जैसलमेर के जिलाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कुमार ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष2005 के बाद से विस्थापितों को भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे परिवारों को शीघ्रतापूर्वक नागरिकता प्रदान की जाए।साथ ही नागरिकता का शुल्क 100 रुपए करने के निर्णय की क्रियान्वित करवाई जाए।संगठन ने जैसलमेर जिले में 5-7 वर्षों से रह रहे परिवारों यहीं से भारतीय नागरिकता दिलवाने, हरिद्वार व दिल्ली के धार्मिक वीजा पर भारत आए और अब जैसलमेर में रह रहे परिवारों को यहां स्थायी निवास की अनुमति दिलाने, लम्बी अवधि से भारत में रह रहे विस्थापितों को पासपोर्ट के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, लाइट एवं गैस कनेक्शन दिलवाने, राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा रिहायशी जमीन अपने नाम से लेने की अनुमति दिलाने की भी मांग की गई।विस्थापितों के परिवारों के बच्चों को अन्य छात्रों की भांति छात्रवृत्ति दिलवाने तथा आवासीय भूखंडव नहरी मुरब्बों के आबंटन की मांग उठाई।
प्रधानमंत्री का आभार जताया
इसी तरह से नगरपरिषद पार्षद नाथू उर्फ खंगारराम भील ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पाक विस्थापितों के लिए नियमों में सरलीकरण के प्रयासों के लिए उनका आभार जताया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी भारत सरकार पाकिस्तान से दुखी और बेघर होकर आए विस्थापितों को हमेशा सहयोग प्रदान करेगी।भील ने साथ ही विस्थापितों की समस्या संसद में उठाने के लिए क्षेत्रीय सांसद के प्रति भी आभार जताया।
Published on:
30 Apr 2016, 11:34 AM IST
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