
Palace on Wheel
जयपुर ।
देशी- विदेशी पर्यटकों में लोकप्रिय भारतीय रेल और राजस्थान पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित विश्व प्रसिद्ध पैलेस ऑन व्हील्स में पिछले पर्यटन वर्ष 2016-17 के मुकाबले इस वर्ष अप्रैल में समाप्त हुए पर्यटन सत्र 2017-18 में शाही रेलगाड़ी में सफर करने वाले पर्यटकों के प्रतिशत के साथ ही उसकी आय में भी बढोतरी हुई है।
राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के महाप्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि पर्यटन वर्ष 2016-17 में पैलेस ऑन व्हील्स में 1373 सैलानियों 41.25 प्रतिशत यात्रियों ने यात्रा की थी, जिसके मुकाबले पर्यटन सत्र 2017-18 में 1497 सैलानियों 54.04 प्रतिशत यात्रियों ने यात्रा की।
इसी प्रकार पर्यटन वर्ष 2016-17 में शाही रेलगाड़ी को 33.22 करोड़ की सकल आमदनी हुई,जबकि 37.44 करोड़ की सकल आय हुई। जो कि पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में 4.22 करोड़ रु अधिक रही। पैलेस ऑन व्हील्स के महाप्रबंधक प्रदीप बोहरा ने बताया कि इस पर्यटन वर्ष में सभी सुख सुविधाओं से युक्त सुपर लग्जरी हेरिटेज ऑन व्हील्स रेलगाड़ी को पैलेस ऑन व्हील्स के नाम से चलाया गया। इसी तरह करीब 23 वर्ष पुरानी पैलेस ऑन व्हील्स को हेरिटेज ऑन व्हील्स के नाम से चलाया गया। जिसे देशी विदेशी पर्यटकों के बहुत पसंद किया। शाही रेलगाड़ियों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान में अगले पर्यटन वर्ष में भी अच्छी संभावनाएं है और इसी अनुरूप इन शाही रेलगाड़ियों का और बेहतर प्रचार- प्रसार के साथ संचालन किया जायेगा।
1982 में चली थी पहली बार "पैलेस ऑन व्हील्स"
राजसी सुविधाओं से भरपूर "पैलेस ऑन व्हील्स" की शुरूआत 26 जनवरी 1982 से हुई और तब से आज तक इन 32 सालों में "पैलेस ऑन व्हील्स" करीब 50,000 यात्रियों को आलीशान हवेलीयों, शानदार कीलों और रेत के टीलों की सवारी करवा चुकी है। भारतीय रेलवे और राजस्थान पर्यटन विभाग की इस पहल का उद्देश्य राजस्थान में पर्यटन और पर्यटकों को बढ़ाना और पर्यटकों को यादगार मुसाफरी का अनुभव देना है।
राजसी सुविधाओं से भरपूर इस ट्रैन में 14 डिब्बे हैं और ख़ास बात ये है की इनका नाम राजस्थान के शहरों के नाम पर ही रखा गया है। पैलेस ऑन व्हील्स का इंटीरियर भव्य राजस्थानी परिवेश का है जिसे ब्रिटिश भारत के वाइसरॉय तथा राजपूताना व गुजरात के शासकों के पर्सनल कोच में इस्तेमाल किया जाता था।
"पैलेस ऑन व्हील्स" को आलीशान रेलों की श्रेणी में चौथे नंबर पर आंका गया है। "पैलेस ऑन व्हील्स" की तर्ज पर 7 अलग अलग ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि सभी ट्रेनें भारत के लगभग हर उस राज्य में चलाई जा रही है जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इन ट्रेनों में "महाराजा एक्सप्रेस", "द गोल्डन चेरियट", "डेकन ओडिसी", "रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स", "फैरी क्वीन" और "महापरिनिर्वाण एक्सप्रेस" है।
Published on:
19 May 2018 03:29 am
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