
पाली की रहने वाली प्रिया सेठ को घरवालों ने प्रोफेसर बनने के लिए जयपुर भेजा था।
Crime News : राजस्थान में एक लड़की की हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। प्रोफेसर बनने का सपना लेकर पाली से जयपुर आई यह लड़की लग्जरी लाइफ की चाह में क्रिमिनल बन गई। पैसों के लिए अमीर घरों के लड़कों को अपने जाल में फंसाती। इन्हीं पैसों के लालच में टिंडर ऐप पर मिले जयपुर के शादीशुदा युवक को दिल्ली का अरबपति बिजनेसमैन समझ उससे नजदीकियां बढ़ाई। मकसद पूरा नहीं हुआ तो उसका मर्डर कर लाश सूटकेस में पैक कर फेंक दी।
जयपुर के झोटवाड़ा में रहने वाला दुष्यंत शर्मा थोड़ी देर पहले ही घर आया था। उसके मोबाइल पर एक कॉल आया और जरूरी काम की बात कहकर कार में बैठकर निकल गया। सुबह तक दुष्यंत नहीं लौटा। पिता रामेश्वर प्रसाद शर्मा और घरवालों ने काफी तलाश की। दुष्यंत के बिजनेस से जुड़े लोगों और दोस्तों से भी बात की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। अचानक सुबह करीब सवा दस बजे रामेश्वर प्रसाद शर्मा के पास दुष्यंत के मोबाइल नंबर से कॉल आया। सामने से रोते हुए दुष्यंत की आवाज आई- 'पापा ये मुझे मार देंगे या रेप के केस में फंसा देंगे… आप इनको पैसे दे दो।'
रामेश्वर प्रसाद कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दुष्यंत से मोबाइल एक लड़की ने छीन लिया- 'दुष्यंत हमारे कब्जे में है। अभी आधे घंटे में 10 लाख रुपए दुष्यंत के अकाउंट में जमा करा दो। पुलिस को बताया तो इसको मार देंगे।' इस फोन कॉल से रामेश्वर प्रसाद बुरी तरह घबरा गए। वो लड़की के सामने गिड़गिड़ाए- 'मेरे पास इतने रुपए तो अभी नहीं हैं, लेकिन अभी मैं 3 लाख रुपए दे सकता हूं।' ये सुनते ही वो लड़की रामेश्वर प्रसाद शर्मा को जोर-जोर से अपशब्द कहने लगी। उसने कहा- ये पैसे तुरंत दुष्यंत के बैंक अकाउंट में जमा करवा देना। अगले आधे घंटे में रामेश्वर प्रसाद ने अकाउंट में 3 लाख रुपए जमा कर दिए और दुष्यंत के मोबाइल पर कॉल कर उस लड़की को बता भी दिया। उसने वॉट्सऐप पर डिपॉजिट स्लिप मांगी, जो रामेश्वर प्रसाद ने भेज दी। इस बीच दुष्यंत की पत्नी विनीता ने पति के किडनैपिंग की बात अपने भाई को बता दी। विनीता के भाई ने बिना कोई देर किए जयपुर पुलिस को सूचना दी।
रामेश्वर प्रसाद किडनैपर के कहे अनुसार अकाउंट में 3 लाख रुपए जमा करा चुके थे, लेकिन दुष्यंत का कोई अता-पता नहीं था। इधर विनीता के भाई की शिकायत के बाद जयपुर पुलिस अलर्ट मोड पर थी। तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अशोक कुमार गुप्ता ने तत्कालीन ACP (पश्चिम) रतन सिंह, सहायक पुलिस उपायुक्त आस मोहम्मद, करधनी SHO अनिल जसोरिया, झोटवाड़ा SHO गुर भूपेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर हेमंत व मानसिंह और कॉन्स्टेबल सुरेश, अमन और प्रवीण की स्पेशल टीम गठित की। पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन में सबसे पहले दुष्यंत की कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन निकाली। घरवालों, रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की गई। इस बीच दुष्यंत की लास्ट लोकेशन जयपुर के ही बजाजनगर में अनिता कॉलोनी के आस-पास आ रही थी। काफी प्रयास के बाद भी दुष्यंत का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
हालांकि रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने दुष्यंत के अकाउंट में 3 लाख रुपए जमा करवाए थे और पुलिस को पक्का यकीन था कि जल्दी ही किडनैपर ये पैसे निकालेंगे।
ऐसे में दुष्यंत के अकाउंट को मॉनिटर किया जा रहा था। इस बीच पुलिस को पता चला कि जयपुर में टोंक रोड पर नेहरू उद्यान के पास ATM बूथ से किसी लड़की ने तीन बार में 25 हजार रुपए निकाले हैं। पुलिस 25 हजार रुपए निकालने वाली लड़की का पता लगाने में ही जुटी थी कि 3 मई की शाम आमेर थाना क्षेत्र में दिल्ली बाईपास रोड पर नई माता मंदिर के पास सुनसान जगह पर ट्रॉली वाले सूटकेस में एक युवक की लाश मिलने की सूचना आई। शव पर चोटों के कई निशान थे और गला काटा गया था। हाथ-पैर चुनरी और स्कॉर्फ से बांधे गए थे। पुलिस ने दुष्यंत के परिजन से शिनाख्त करवाई। परिजन ने पहचान लिया, वो दुष्यंत का ही शव था।
अब ये किडनैपिंग का नहीं खौफनाक मर्डर का केस था। पुलिस को दुष्यंत की जेब से एक चाबी मिली, जो संभवतया किसी फ्लैट की थी। इधर पुलिस को दुष्यंत के एक दोस्त महेश ने बताया कि उसका एक लड़की के साथ अफेयर चल रहा था और वो बजाज नगर में अनिता कॉलोनी के ईडन गार्डन अपार्टमेंट में रहती है। पुलिस टीम ने तुरंत ही बजाज नगर में अनिता कॉलोनी के ईडन गार्डन अपार्टमेंट में दुष्यंत की गर्लफ्रेंड के फ्लैट में दबिश दी। पुलिस ने 402 नंबर के इस फ्लैट में जांच की तो फर्श पर खून बिखरा हुआ था। वहां प्रिया सेठ और दीक्षांत कामरा मिले। पूछताछ में पता चला कि दोनों ने मिलकर दुष्यंत काे किडनैप किया और बाद में उसका मर्डर कर दिया। उन्होंने दुष्यंत की लाश एक ट्रॉली वाले सूटकेस में पैक करके आमेर क्षेत्र में फेंक दी। प्रिया सेठ और दीक्षांत कामरा से हुई पूछताछ के बाद मर्डर में शामिल एक तीसरे युवक लक्ष्य वालिया को भी पकड़ लिया गया।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि प्रिया सेठ पाली जिले के फालना की रहने वाली थी। उसके पिता अशोक सेठ सरकारी कॉलेज में लेक्चरर थे। उसकी मां भी टीचर थी और दादा सिरोही में प्रिंसिपल रहे थे। फूफा जोधपुर की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। प्रिया के एक भाई और एक बहन थी। तीनों में बड़ी प्रिया ने दसवीं में 82 प्रतिशत और बारहवीं में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। माता-पिता ने प्रोफेसर बनने के लिए आगे पढ़ाई करने साल 2011 में जयपुर भेजा। प्रिया जयपुर आई, तब महज 20 साल की थी। प्रिया सबसे पहले यहां एक रिश्तेदार के घर रही और यहीं उसने मानसरोवर में एक प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले लिया था। प्रिया इसी बिल्डिंग में बने फ्लैट में रहती थी और यहीं पर उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दुष्यंत का मर्डर किया।
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Published on:
21 May 2024 12:24 pm
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