
पंचायत चुनाव: पढ़े-लिखे कार्यकर्ताओं को टिकट देने पर रहेगा भाजपा का जोर
जयपुर।
प्रदेश की गहलोत सरकार ने सत्ता में आते ही पंचायत राज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता कि बाध्यता के पिछली सरकार के फैसले को पलट दिया था। इसे गैर जरूरी बताया था, लेकिन भाजपा सरकार के इस फैसले से ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखती। इसलिए पार्टी ने 6 जिलों में हो रहे पंचायत चुनावों में उन्हीं को टिकट देने पर जोर दिया है, जो पढ़े लिखे हैं। हालांकि, पार्टी के नेता यह भी मानते हैं कि यह पूरी तरह से लागू होना मुश्किल है, लेकिन पार्टी की कोशिश यही रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा एेसे ही लोगों को टिकट दिया जाए, जो कम से कम शिक्षित तो हों।
पंचायत चुनावों में भाजपा ने प्रत्याशी चयन के लिए कुछ मापदंड रखे हैं, जिसमें सबसे प्रमुख है। भाजपा का कार्यकर्ता होना और क्षेत्र में जिताऊ स्थिति में होना। इसके अलावा भी कुछ मापदंड तय किए गए हैं, जैसे कि पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने की स्थिति में हो, पार्टी कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यता हो। पहले किसी भी तरह के अनुशासनात्मक कार्रवाई को न झेला हुआ हो और साथ ही शिक्षित हो। पार्टी की ओर से प्रदेश में जिला परिषद पंचायत राज चुनाव के लिए बनाए गए प्रदेश समन्वयक और प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा का कहना है कि हम तो वही फॉलो करेंगे जो तत्कालीन भाजपा सरकार ने फाइनल किया था।
एक-दो दिन में तय होंगे नाम
पंचायत राज चुनाव के पहले चरण के तहत नामांकन का दौर 16 अगस्त तक चलेगा, लेकिन भाजपा अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान शुक्रवार देर रात से करना शुरू कर देगी।संभवत: 14 अगस्त तक प्रभारी और पर्यवेक्षकों की ओर से मिले पैनल पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। प्रभारी और सह प्रभारी क्षेत्र में चर्चा के बाद यह पैनल तैयार कर रहे हैं, फिर भी टिकट की चाहत रखने वाले कार्यकर्ता अपना बायोडाटा लेकर सीधे प्रदेश भाजपा प्रदेश कार्यालय भी पहुंच रहे हैं।
Published on:
13 Aug 2021 10:05 pm
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