
Panther Attacks Villagers In Jaipur
Panther Attacks Villagers In Jaipur : तूंगा(देवगांव)। तूंगा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत अणतपुरा के ग्राम जयराम का बास में गुरुवार सुबह 8 बजे पैंथर के हमले में खेत में कार्य कर रहे चार जने घायल हो गए। ग्रामीणों पर हुए पैंथर के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। पैंथर के इधर से उधर भागने के दौरान मची भगदड़ से भी दो तीन लोग घायल हो गए। हमले के बाद पैंथर पास में स्थित बैर के बगीचे में छिप गया। पैंथर के हमले की सूचना पर अणतपुरा सरपंच शिवचरण गुर्जर, ग्राम विकास अधिकारी नरेश मीणा, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कालवानिया, नायब तहसीलदार, पटवारी, तूंगा थाना पुलिस का जाब्ता समेत अन्य मौके पर पहुंचे।
उच्च अधिकारियों को दी सूचना
करीब 12.30 बजे पहुंची ट्रैकुलाइज टीम मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के स्थानीय कार्मिकों ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी जिसके बाद करीब 12प्त30 बजे वन विभाग की ट्रेंकुलाइज टीम मौके पर पहुंची। दो शॉट लगाए... पैंथर को ट्रेंकुलाइज करने आई टीम में शामिल स्पेशलिस्ट डॉ. अशोक तंवर ने बगीचे में गाड़ी से ही पहले इंजेक्शन गन से एक शॉट लगाया जो पैंथर को निशाने पर लगा।
करीब 30 मिनट बाद जब पैंथर पर पानी डालकर बेहोशी जांची तो पैंथर इधर-उधर भागने लगा जिसके बाद डॉ. ने दुबारा शॉट लगाया जिसके बाद पैंथर अचेत अवस्था में आने लगा। फिर 20 मिनट बाद टीम ने जांच की तो पैंथर के शरीर में फिर भी तेज हलचल नजर आए जिसके बाद हाथ से ही टीम ने एक और इंजेक्शन लगाया और उसके बाद उसे तत्काल निकाल कर बाहर लगाए गए पिंजरे में डाला।
पैंथर को पिंजरे में डालते ही 15 मिनट के भीतर ही पैंथर होश में आ गया। घायलों को परिजन तूंगा सीएचसी लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया, जबकिए एक गंभीर घायल को जयपुर रैफर किया। मौके पर तूंगा थाना पुलिस का जाब्ता भी पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग के जिम्मेदारों के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार पैंथर की जानकारी देने के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार पैंथरों को पकडऩे की कार्रवाई नहीं करते हैं।
घायलों से ली जानकारी
जयराम का बास में पैंथर के हमले की सूचना मिलने पर वन विभाग के रैंजर पीआर मीणा और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। रैंजर ने घायलों से जानकारी ली वहीं ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की अपील की। 4 से 5 पैंथर.. गढ़, चपडिय़ा, लालगढ़ समेत अन्य गांवों के लोगों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में चार से पांच पैंथर हैं। लोगों ने तीन पैंथर एक साथ देखने के बाद भी वन विभाग के अधिकारियों को बताई है। वन विभाग के कार्मिक भी पैंथर और शावक होने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्र में है ज्यादा मूवमेंट
क्षेत्र के गढ़, लालगढ़, टोडा भाटा, किशनपुरा, मंदरुपुरा,हाथीपुरा,चपडिय़ा में पैंथर का मूवमेंट सबसे अधिक है। वहीं, फिर किशनपुरा से नईनाथ की पहाडिय़ों के लिए पैथर का आवाजाही रहती है।
Published on:
07 Dec 2023 05:52 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
