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सबको हंसाने वाले पन्या सेपट की आंखों में आंसू, क्यों परेशान है एक्टर, डायरेक्टर

राजस्थान सरकार हर इंडस्ट्री की मदद कर रहा है, लेकिन उसकी सूची में राजस्थानी सिनेमा नहीं लगता है। कलाकारों की स्थिति खराब है। आखिर मदद की सूची में राजस्थानी सिनेमा क्यों नहीं?

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सबको हंसाने वाले पन्या सेपट की आंखों में आंसू, क्यों परेशान है एक्टर, डायरेक्टर

सबको हंसाने वाले पन्या सेपट की आंखों में आंसू, क्यों परेशान है एक्टर, डायरेक्टर

सुरेंद्र बगवाड़ा , जयपुर

कोरोना के कहर से उद्योगों को उभारने के लिए सरकारें हरसंभव प्रयास कर रही है। निजी बसों के टैक्स में छूट दे दी, रोडवेज ने स्टॉल वालों की लाइसेंस फीस माफ कर दी। एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरकार जोर लगा रही है। लेकिन राजस्थान में रहकर राजस्थानी आर्ट एंड कल्चर, लैंग्वेज को विश्व पटल पर रखने वाले कलाकार शायद सरकार की सूची में ही नहीं आते। यहीं कारण है कि राजस्थानी सिनेमा ( rajasthani cinema ) पहले तो कमजोर था ही, अब लॉकडाउन से दम तोड़ने जैसी स्थिति बन गई है। राजस्थानी कलाकारों ने तो कह दिया है कि भूखे मरने जैसी हालात हो गई है। सरकार मदद नहीं करेगी तो आत्महत्या करने जैसी स्थिति बन जाएगी।

मंत्री से गुहार, उम्मीदें बरकरार

राजस्थानी सिनेमा विकास संघ ने आर्ट एंड कल्चर मिनिस्टर और प्रिंसिपल सेकेट्री को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। इसमें कलाकारों और तकनीशियनों की लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और चूल्हा तक नहीं जलने की स्थिति को लिखा। संघ के अध्यक्ष विपिन तिवारी ने कहा कि साथ ही संघ ने इंडस्ट्री से जुडे लोगों की सूची मय बैंक खाता बनाकर भेजी है। ताकि सरकार से जीवनयापन के लिए निर्वाह भत्ता मिल सकें।

हास्य से भरा दिल और आंसूओं से आंखें

प्रदेश के फेमस हास्य कलाकार पन्या सेपट ( panya sepat ) दीपक मीणा ने कहा कि फिल्मों, एलबम और स्टेज शो के जरिए लोगों को हंसाकर परिवार पाल रहे है। हंसने और हंसाने के लिए हमारा दिल आज भी जिंदा है। लेकिन वर्तमान परिस्थिति से आंखें आंसूओं से भर गई है। स्थिति ऐसी है कि जीभर रोकर भी कलेजा शांत नहीं कर सकते। राजस्थान सरकार हमारी करूण पुकार सुनें। इंडस्ट्री शुरू नहीं कर सकते है तो मदद तो मिलें।

आगे बढ़ने के प्रयास में लगा लॉकडाउन

एक्टर श्रवण सागर कहते है कि वर्तमान हालात दयनीय है। पहले ही सिनेमा बैकफुट पर है। ऐसे में सरकार ज्यादा से ज्यादा हेल्प करें। फिल्मों के लिए बजट वैसे भी इधर—उधर से जमा किया जाता है। सिनेमा खुलने के बाद भी स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा। जैसे बाकी इंडस्ट्री को सरकारी सहयोग मिल रहा है, वैसे ही हमें भी मिलें। सरकार को राजस्थानी सिनेमा और संस्कृति के लिए सोचना होगा।

बॉलीवुड की तरह जारी करें गाइडलाइन

फिल्म निर्माता मनमोहन सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने बॉलीवुड में शूटिंग के लिए गाइडलाइन जारी की। वहां पर बड़े कलाकार छोटे कलाकारों की मदद कर रहे है, लेकिन यहां कोई भी आर्थिक रूप से मजबूत नहीं कि सहयोग कर सके। इसलिए सरकार को जीवनयापन राशि देनी चाहिए।