10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Paper Leak Case : SOG ने कसा सरगना भूपेंद्र सारण की प्रेमिका पर शिकंजा, फर्जी डिग्री से 4 प्रतियोगी परीक्षा में बैठी

Rajasthan News : एसओजी की कार्रवाई में पता चला है कि सरगना भूपेन्द्र सारण की प्रेमिका गत चार वर्षों में चार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षा में बैठी और चारों में अलग-अलग फर्जी डिग्री लगाई थी।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Supriya Rani

Aug 19, 2024

जयपुर. राजस्थान में गत वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में बेरोजगारों के साथ छलावा हुआ…पेपरलीक, फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले गिरोह जैसी प्रतियोगी परीक्षा…वैसी ही फर्जी डिग्री उपलब्ध करवा देते। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में खुलासा हुआ कि पेपरलीक करने व फर्जी डिग्री बनाने वाले सरगना भूपेन्द्र सारण की प्रेमिका गत चार वर्षों में चार अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षा में बैठी और चारों में अलग-अलग फर्जी डिग्री लगाई थी।

एसओजी ने इस संबंध में मामला भी दर्ज किया है। एसओजी ने बताया कि प्रियंका बिश्नोई ने वीडीओ की परीक्षा में गुजरात से बीए की डिग्री लेना बताया, जबकि पीजीडीसीए की बैक डेट में डिग्री ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से बनवाई। एक साथ दो ग्रेजुएशन की डिग्री लेना संभव नहीं है। लाइब्रेरियन की डिग्री उत्तर प्रदेश की शिकोहाबाद यूनिवर्सिटी से ली। पीटीआई भर्ती परीक्षा के लिए डीपीएड की डिग्री ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से ली। एसओजी ने इन डिग्री की जांच की तो फर्जी निकली। पेपरलीक मामले में भूपेन्द्र सारण अभी जेल में बंद है। एसओजी ने आरोपी भूपेन्द्र के आवास पर छापा मारा तब उसके घर से बड़ी संख्या में कई लोगों के नाम की फर्जी डिग्रियां मिली थीं।

पीटीआई में हो गया था चयन

पीटीआई भर्ती के परिणाम में प्रियंका बिश्नोई का चयन हो गया था। शिक्षा विभाग ने प्रियंका के शैक्षणिक दस्तावेज को हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की सूची में प्रियंका नाम शामिल हो गया। लेकिन राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने फाइनल परिणाम तैयार करते समय प्रियंका का नाम पकड़ लिया। इसके बाद बोर्ड ने उसके परिणाम पर रोक लगा दी थी। बोर्ड ने फर्जी डिग्री बांटने के मामले में 12 यूनिवर्सिटी को चिह्नित किया था।

यह भी पढ़ें : Raksha Bandhan के मौके पर राजस्थान रोडवेज ने लगाई 120 अतिरिक्त बसें फिर भी यात्री बेबस