
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का सत्र 23 जनवरी से शुरू हो रहा है। वर्तमान सरकार के इस आखिरी सत्र को लेकर भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। सरकार को कई मुद्दों पर सदन और सदन के बाहर घेरा जाएगा। संगठन स्तर पर मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा लगातार चार साल से अपराध, बेरोजगारी, बेरोजगारी भत्ता, किसान आत्महत्या सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमले करती आई है। मगर आखिरी सत्र है और पिछले दिनों ही सेकंड ग्रेड टीचर क पेपर लीक हुआ था, इस मामले को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। भाजपा लगातार पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच की मांग करती आई है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस जांच से इनकार किया है। इन सभी मुद्दों को लेकर सत्र के दौरान राज्य सरकार को सदन एवं सदन के बाहर घेरा जाएगा।
नेताओं को मिलेगी सदन में बोलने की जिम्मेदारी
पार्टी स्तर पर तय किया गया है कि सदन के अंदर विधायकों को अलग-अलग मुद्दों पर बोलने की जिम्मेदारी दी जाएगी। अन्य विधायक उसका समर्थन करेंगे। विधायकों को सदन में किस तरह से बोलना है, इसे लेकर विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में भी सदन में सत्तापक्ष को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।
जनता की शिकायतों को भी बनाएंगे मुद्दा
भाजपा की ओर से प्रदेशभर में जनाक्रोश यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान करीब 16.5 लाख शिकायतें भाजपा को मिली हैं। इस शिकायतों को भी सदन में उठाया जाएगा। अभी जन आक्रोश सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। 16 दिसंबर प्रदेश के 128 विधानसभा क्षेत्रों में सभा पूरी हो चुकी हैं और शेष विधानसभा में 10 जनवरी तक सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
Published on:
03 Jan 2023 12:54 pm
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