
Parali Pollution : कैन बायोसिस लगाएगी स्पीड कम्पोस्ट कारखाना
पराली पॉल्यूशन : कैन बायोसिस लगाएगी स्पीड कम्पोस्ट कारखाना
75 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब या हरियाणा में लगेगा प्लांट
कृषि क्षेत्र में पोषण और कीट प्रबंधन क्षेत्र में काम कर रही कम्पनी कैन बायोसिस ने पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम करने के लिए स्पीड कम्पोस्ट के उत्पादन के लिए पंजाब या हरियाणा में एक कारखाना स्थापित करने की घोषणा की है।
कम्पनी की अध्यक्ष संदीपा कनितकर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में 75 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब या हरियाणा में एक कारखाना स्थापित करने की घोषणा की। इस कारखाने में सालाना 40 हजार टन स्पीड कम्पोस्ट का उत्पादन हो सकेगा। कनितकर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के किसान गेहूं की जल्दी बुआई के लिए पराली जलाते हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। स्पीड कम्पोस्ट माइक्रोबियल फार्मूलेशन है, जिसमें सैल्युलोज, स्टार्च और प्रोटीन डिग्रेङ्क्षडग बैक्टीरिया तथा फफूंद का खास मिश्रण है।
ऐसे बनेगी खाद
एक एकड़ की पराली को गलाने के लिए चार किलो स्पीड कम्पोस्ट और 50 किलो यूरिया का खेत में छिडक़ाव कर उसकी जुताई कर दी जाती है और खेत में पानी भर दिया जाता है। इससे 15 दिनों में पराली मिट्टी में मिल जाता है।
दो साल परीक्षण
पंजाब और हरियाणा के कृषि विश्वविद्यालयों ने दो साल तक इसका परीक्षण किया है और इसे मिट्टी के लिए उपयुक्त पाया है। पंजाब और हरियाणा में जिन किसानों ने इस प्रयोग को किया है, उनका उत्पादन 11 से 18 प्रतिशत तक बढ गया है।
होगा फायदा
स्पीड कम्पोस्ट का उपयोग करने से मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ जाती है, जिससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि के साथ साथ कम ङ्क्षसचाई की जरूरत होती है। पंजाब और हरियाणा की मिट्टी में कार्बन की मात्रा 0.2 से 0.5 तक है, जबकि इसकी मात्रा एक प्रतिशत होनी चाहिए।
Published on:
12 Nov 2019 06:07 pm
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