5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रदेश में 480487 लाभार्थियों को मिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का फायदा

-अधिकतम लक्ष्य हासिल करने के लिए मिला राजस्थान को पहला पुरस्कार
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Harshit Jain

Sep 07, 2018

jaipur

480487 लाभार्थियों को मिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का फायदा

जयपुर.समेकित विकास सेवाएं राजस्थान को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पश्चिमी जोन में अधिकतम लक्ष्य हासिल करने पर देहरादून में आयोजित समापन समारोह में महिला ओर बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा पहला पुरस्कार मिला। गौरतलब है कि इस योजना में 1-1-17 या उसके बाद परिवार में जन्मे पहले बच्चे के जन्म पर तीन किश्तों के रूप में गर्भवती महिलाएं और धात्री माताओं को कुल रूपए 5000 का प्रोत्साहन का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत 480487 लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खातों में स्वास्थ्य और पोषण स्तर के हेतु उनके खातों में 122.09 करोड़ रुपए लाभार्थियों के खाते में स्थानांतरित की गई है। सालभर में प्रदेश में महिलाओं के लिए यह योजना फायदेमंद साबित हुई है। इस दौरान समेकित बाल विकास राजस्थान की निदेशिका सुषमा अरोड़ा और अतिरिक्त निदेशक बिन्दु करुणाकर को नीति आयोग के सदस्य विनोद के पॉल ने देहरादून में पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कार्यशाला के जरिए किया जा रहा जागरूक
योजना की पहली वर्षगांठ के मौके पर जिला और ब्लॉक स्तर पर मातृ वंदना सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें कई कार्यक्रमों के अलावा कार्याशालाएं भी आयोजित करवाई जा रही है। ताकि समुदाय में मातृ वंदना योजना से संबंधित जानकारी का प्रचार—प्रसार किया जा सके। कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए सही आराम और पर्याप्त पोषण, नियमित एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु का टीकाकरण के बारे में के बारे में महिलाओं को बताया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों में से 5 उपनिदेशकों को, 33 बाल विकास परियोजना अधिकारियों को, 33 महिला पर्यवेक्षकों, 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। योजना के पंजीकरण आंगनबाड़ी केन्द्र और निकटतम स्वीकृत स्वास्थ्य सुविधा के जरिए और पीएमएमवीवाय योजना के आवेदन पत्रों को महिला और बाल विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।