
जयपुर
नगर निगम जयपुर आयुक्त सुरेश कुमार ओला की अध्यक्षता में शुक्रवार को जयपुर की चार दीवारी क्षेत्र को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलत किये जाने की तैयारिया के संबंध में नगर निगम इ.सी. (छोटा मीटिंग हाॅल) सभागार में बैठक का अयोजन किया गया। बैठक में धरोहर क्षेत्र के संरक्षण के विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें मुख्यतः शहर की चार दिवारी क्षेत्र के पुरामहत्व के स्थलों व बाजारों आदि के रखरखाव, उनका मूल स्वरूप बनाए रखने एवं आधुनिक विकास के दुष्प्रभावों से धरोहर को संरक्षित किए जाने के उपायों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रही योजनाओं की जानकारिया दी गयी।
ओला ने शहर चार दिवारी क्षेत्र के नियमित साफ सफाई की पुख्ता व्यवस्थाओं एवं यातायात की सुगमता हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के लिए संम्बधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। बैठक में नगर निगम जयपुर के अधिकारियों के साथ जयपुर स्मार्ट सिटी, जयपुर मेट्रो, यातायात पुलिस, आमेर विकास प्राधिकरण, पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग, भारत सरकार के अधिकारीगण, नियुक्त सलाहकार फर्म के तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
देश-दुनिया में अलग पहचान
गौरतलब है कि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के लिए जयपुर के परकोटे को प्रस्तावित किया गया है। जयपुर के परकोटे और पुराने शहर की देश-दुनिया में अलग पहचान है। इसी के मद्देनजर इसे विश्व धरोहर के लिए प्रस्तावित किया गया है। जानकारों का कहना है कि विश्व धरोहर की मान्यता गर्व का विषय है। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। अभी देश में 37 विश्व विरासत स्थल हैं।
इसलिए खास है परकोटा
जयपुर का परकोटा करीब 9 वर्ग मील में फैला हुआ है। इसकी ऊंचाई 30 फीट है। इसकी चौड़ाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रियासतकाल में इस पर पहरेदारी के लिए 2 घुड़सवार एक साथ चलते थे। हालांकि समय के साथ परकोटे से सटकर मकान बन गए, इसके बुर्जों पर कब्जे तक हो गए।
Published on:
04 Aug 2018 06:13 am
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