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सरकारी स्कूलों में पासबुक से पढ़ाई कराई तो शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में पासबुकों का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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शाहपुरा। विद्यार्थियों में बढ़ती रटने की प्रणाली को समाप्त कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ विषय की समझ विकसित करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में पासबुकों का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भी सरकारी स्कूलों में अध्यापक व विद्यार्थी से पासबुक पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने एवं विद्यार्थियों में विषय की समझ विकसित करने के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में शिक्षक पासबुक का सहारा नहीं लेकर समय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए पाठ्यपुस्तक में पढ़ाए जाने वाली विषयवस्तु विद्यार्थी व रिजल्ट सुधारने के लिए शिक्षक भी शार्टकट रास्ता अपनाकर पासबुकों का सहारा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अभ्यास ले रहे है। इससे रिजल्ट तो अच्छे सुधर रहे, लेकिन विद्यार्थियों में विषय की समझ के बजाय रटंत प्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में विभाग ने सरकारी स्कूलों में पासबुक का प्रयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।


सीबीईओ गेंदालाल रैगर ने बताया कि विभाग का यह भी प्रयास है कि विद्यार्थी रटन्त प्रणाली को छोड़कर विभिन्न विषयों की मूल अवधारणा व संकल्पना को समझे, जिससे न केवल परीक्षाओं में बेहतर परिणाम मिल सके और व्यावहारिक रूप से इस ज्ञान का उपयोग भी कर सके। नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस), स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे (एसएलएस) तथा अन्य संस्थाओं द्वारा गुणात्मक उपलब्धि सर्वे में भी विद्यार्थियों के विषयागत ज्ञान, समझ, कौशल एवं व्यावहारिक उपयोग पर आधारित प्रश्न होते है।


ऐसे में शिक्षक पासबुक का सहारा नहीं लेकर पाठयपुस्तक में पढ़ाए जाने वाली विषयवस्तु के माध्यम से संबंधित स्वरचित प्रश्नों का अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अभ्यास करवाए ताकि उनमें विषय की समझ का विकास हो सके। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि पासबुक का उपयोग शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधक है। इसलिए विद्यालयों में पासबुक का प्रयोग नहीं हो बल्कि विद्यार्थी एवं शिक्षक पाठ्यपुस्तकों एवं प्रमाणिक संदर्भ पुस्तकों का ही प्रयोग करें। उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए कि विद्यालय समय में किसी शिक्षक एवं विद्यार्थी के पास पासबुक पाई गई तो संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


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