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विकास के दावों के बीच 315 जोड़ी ट्रेनों में नहीं है पेन्ट्री कोच, स्टेशन पर करनी होती है यात्रियों को व्यवस्था

देशभर में पटरियों और ट्रेनों का विस्तार जारी है। वंदे भारत से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों की गति में इजाफे का काम चल रहा है, लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि देश में एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने वाली करीब 315 जोड़ी यात्री ट्रेनों में खानपान की सुविधा उपलब्ध नहीं है

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प्रतिकात्मक फोटो

जयपुर। देशभर में पटरियों और ट्रेनों का विस्तार जारी है। वंदे भारत से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों की गति में इजाफे का काम चल रहा है, लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि देश में एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने वाली करीब 315 जोड़ी यात्री ट्रेनों में खानपान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने स्तर पर या स्टेशन पर उतर कर खान—पान की व्यवस्था करनी होती है। रेल मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार देश में 1164 जोड़ी यात्री ट्रेनों में ही खानपान की सुविधा उपलब्ध है। 315 जोड़ी यात्री ट्रेनों में यह पेन्ट्री कोच नहीं होने से यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

पश्चिम रेलवे है देश में अव्वल
खानपान की सुविधा उपलब्ध कराने में पश्चिम रेलवे अव्वल है। पश्चिम रेलवे की 149 जोड़ी ट्रेनों में खानपान की सुविधा उपलब्ध है, जो सभी जोन में सबसे ज्यादा है। उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर जोन की 60 जोड़ी ट्रेनों की यह सुविधा उपलब्ध हैं। इनमें जोधपुर, जयपुर, बीकानेर और अजमेर मंडल से चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। हालांकि अधिकतर ट्रेनों में खान—पान की सुविधा ओनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही है।