
जयपुर। प्रदेश में सेवारत चिकित्सकों और सरकार के बनी जिद और गतिरोध अब लाइलाज बीमार की तरह सामने आ रही है। न सरकार पीछे हटने को तैयार है और न ही सेवारत चिकित्सक और दोनों के विवाद में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को नुकसान हो रहा है। शुक्रवार को एक दिन के सामूहिक अवकाश के बाद आज से फिर सेवारत चिकित्सक आउटडोर समय में सुबह दो घंटे खुले में आउटडोर का संचालन जारी रहेगा। उधर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने सेवारत चिकित्सकों के आंदोलन को अमानवीय बताया है और शुक्रवार को डयूटी से अनुपस्थित रहे चिकित्सकों की सूचियां मंगवाई गई है। अनुपस्थित रहे चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही करने की तैयारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
सेवारत चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों के हित में चिकित्सा व्यवस्थाएं ठप नहीं की जा सकती। लेकिन विरोध के तरीके पूरी तरह से लोकतांत्रिक होंगे जिससे मरीजों को परेशानी नहीं हो। एक दिन के सामूहिक अवकाश के बाद आज से फिर सुबह आउटडोर समय में आउटडोर अस्पताल के बाहर संचालित किया जाएगा। उधर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ लगातार दावा कर रहे हैं कि सेवारत चिकित्सकों की अधिकांश मांगे मान ली गई हैं और सेवारत चिकित्सक हठधर्मी पर उतर आए हैं और सरकार अब सेवारत चिकित्सकों के दवाब में आने वाली नहीं है।
आपको बता दें कि सेवारत डॉक्टर्स सात दिन की हड़ताल के बाद 12 नवंबर को सरकार के साथ हुए एमओयू की पालना नहीं होने से आक्रोशित हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य कर्मचारियों ने सात सूत्री मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी सरकार को दी थी। सेवारत चिकित्सकों के छह दिन के अल्टीमेटम की समय सीमा गुरूवार शाम को खत्म हो गई। अल्टीमेटम के दौरान मांगे नहीं माने जाने से खफा सेवारत चिकित्सकों ने आंदोलन को उग्र रूप देते हुए प्रदेशभर सेवारत चिकित्सक एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इससे जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई वहीं मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। मरीज इलाज की आस में आज सुबह आउटडोर समय में अस्पताल पहुंचे तो उनको एक ही जवाब मिला कि आज डॉक्टर छुट्टी पर हैं।
Published on:
09 Dec 2017 02:33 pm
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