
Minister Heeralal Nagar : फाइल फोटो
भवनेश गुप्ता
जयपुर। ऊर्जा क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं, लेकिन चर्चा ज्यादा बडे़ घोटालों की है। बिजली तंत्र सुधारने के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया। चहेतों को उपकृत करने के लिए करोड़ों रुपए लुटाए गए। इसमें अफसरों और फर्मों के पॉलिटिकल कनेक्शन की चर्चा भी गरमाई हुई है।
एसीबी ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी हुई लेकिन उसे भी दरकिनार कर रहे हैं। बिजली कंपनियों की जांच कमेटी ने आरोप सही माने। आरोपी अफसरों के जवाब की जांच भी पूरी कर ली गई, लेकिन प्रभावी एक्शन अब तक नहीं हुआ।
इससे अंदरखाने सांठ-गांठ से लेकर मामले को रफा-दफा करने की कई चर्चा शुरू हो गई। इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से बात की गई। वे हर बार पुख्ता एक्शन की बात दोहराते रहे।
Q एसीबी ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी, क्यों नहीं भेज रहे?
रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए थी। क्यों नहीं गई, यह पता करता हूं।
Q भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिम्मेदार कौन?
ज्यादा रेट पर कार्यादेश देने, चहेती फर्मों के लिए निविदा शर्त तैयार करने जैसे ज्यादातर मामले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के है। काम भी उस समय सौंपा गया। हमने तो जांच की और भ्रष्टाचार का उजागर किया। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है।
Q जिम्मेदारों पर प्रभावी एक्शन क्यों नहीं?
हर एक पहलू पर होमवर्क करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, ताकि जिम्मेदारों के लिए राहत की हर गली बंद हो जाए। इसीलिए उनकी सुनवाई करने से लेकर उनके जवाब तक का परीक्षण किया गया है। यकीन मानिए, जल्द एक्शन नजर आएगा।
Q जब जांच में आरोप सिद्ध हो चुके हैं तो फिर देरी क्यों?
हम किसी को भी बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मैं फिर कह रहा हूं कि इस मामले की इतनी पुख्तातरीके से जांच की जा रही है कि दोषियों के बचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। आगामी दिनों में एक्शन नजर आएगा।
Q आप पर क्या कोई दबाव है?
दबाव कौन बनाएगा…। ब्यूरोक्रेट्स को भी स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि जांच में हर पहलू को देखें। यदि जांच में उनके स्तर पर लापरवाही होगी तो वे भी नपेंगे।
Updated on:
09 Jan 2025 10:21 am
Published on:
09 Jan 2025 09:03 am

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