जयपुर. राजधानी की शहरी सरकारें भले ही सफाई व्यवस्था (cleaning system of jaipur) दुरुस्त रखने का दावा करें, लेकिन सच्चाई यह है कि सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। न सड़कें साफ हो रही हैं और न ही हूपर समय पर घर से कचरा लेने आ रहे हैं। जिन अधिकारियों को फील्ड में सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग में लगाया गया, वे अपना काम सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंक सुधरने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है।
पत्रिका ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सर्वे कराया। अस्सी फीसदी लोगों का मानना है कि शहरी सरकारों को थ्री लेयर सफाई पर काम करने की जरूरत है। यानी डोर टू डोर कचरा संग्रहण (Door to Door Garbage Collection) को बेहतर किया जाए। सड़कें भी नियमित रूप से साफ हों और मैकेनाइज्ड स्वीपिंग को भी बढ़ावा दिया जाए। तभी शहर की तस्वीर बदलेगी।
1-क्या स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंक में सुधार होगा?
हां -29.2
नहीं-70.8
2-सड़कों की नियमित रूप से सफाई न होने के लिए कौन जिम्मेदार है ?
-नगर निगम और अधिकारी-60.1
-महापौर और पार्षद -26.9
-शहर के लोग -13
3- क्या आपके घर नियमित रूप से हूपर आ रहा है?
-हां -48.2
-नहीं -51.8
4- घर-घर कचरा संग्रहण से आप संतुष्ट हैं?
-हां -42
-नहीं -58
5- अफसरों को सुबह 3 घंटे सफाई व्यवस्था देखने के बाद ऑफिस आने के निर्देश मिले हैं ?
– जिन अधिकारियों की ड्यूटी है, वे काम कर रहे हैं- 11.9
-काम के नाम पर खानापूर्ति हो रही है- 88.1
6-निगम को किस क्षेत्र में और काम करने की जरूरत है ?
-डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर -3.6
-सड़कों की सफाई पर -8.0
-मैकेनाइज्ड स्वीपिंग को बढ़ावा दें-8.0
-उपरोक्त सभी -80.4
7-कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में देने से कोई बदलाव आया है ?
-हां -30.9
-नहीं -69.1
8-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम को किसको साथ लेना चाहिए ?
-व्यापार मंडल -1.4
-कॉलोनी की विकास समितियां -11.6
-सामाजिक संगठन -0.8
-उपरोक्त सभी -86.2
9- सड़कों पर कचरा आने का सबसे बड़ा कारण क्या मानते हैं?
-हूपर का समय पर न आना-12.5
-प्रतिष्ठान बंद करने के बाद कचरे को सड़क पर फेंकना-10.3
-उपरोक्त दोनों -77.2
10-मालवीय नगर और मुरलीपुुुरा में यूजर चार्ज लेना शुरू किया है, ग्रेटर निगम के इस कदम को कैसे देखते हैं ?
सही फैसला है, सुविधा मिल रही है तो पैसा लिया जाना चाहिए -19
दो जोन की बजाय पूरे ग्रेटर में एक साथ पैसा लिया जाना चाहिए-13.1
पहले से ही कई टैक्स निगम लेता है, यूजर टैक्स नहीं लेना चाहिए-67.9
ये बोले लोग
स्वच्छ सर्वेक्षण में सभी की भागीदारी जरूरी है। निगम के अधिकारियों को भी फील्ड में उतरकर व्यवस्थाएं देखनी चाहिए। हूपर कई जगहों पर आ रहे हैं, लेकिन अब भी सुधार की गुंजाइश है। सफाई पर प्लानिंग के तहत काम करने की जरूरत है। तभी रैंक में सुधार होगा।
-आस्था अग्रवाल, टोंक रोड
दोनों निगम की कार्यप्रणाली अच्छी नहीं है। सफाई नहीं हो रही है। नालियां गंदगी से भरी हैं। हूपर रोज नहीं आते। कई बार तो लाउडस्पीकर भी नहीं बजता। अभी रोज बारिश हो रही है और परकोटे में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इससे मौसमी बीमारी फैलने का भी अंदेशा बना है।
-बीना मेठी, किशनपोल बाजार