
शिक्षक दिवस पर पत्रिका टॉक शो: 'हमारे अधिकारों से लेकर कर्तव्य तक बताते हैं शिक्षक, समाज में इनका बहुमुल्य योगदान'
जयपुर. 'साक्षर हमें बनाते हैं, जीवन क्या है समझाते हैं। जब गिरते हैं हम हारकर तो साहस वही बढ़ाते हैं। ऐसे महान व्यक्ति ही तो शिक्षक-गुरू कहलाते हैं।' शिक्षकों को नमन करतीं यह पंक्तियां शिक्षक दिवस पर पत्रिका टॉक शो के दौरान छात्राओं ने सुनाईं। मंगलवार को गणगौरी बाजार स्थित राजकीय कन्या महाविद्यायल ( Government Girls College, Gangori Bazar ) में आयोजित टॉक शो में महाविद्यालय स्टाफ और छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी बात रखी।
प्राचार्य प्रहलाद बुनकर ने कहा कि प्रत्येक कामयाब व्यक्ति के पीछे उसके शिक्षकों का ही हाथ होता है। बुनकर ने भारत की प्राचीन गुरू-शिष्य परंपरा के बारे में बताया। डॉक्टर शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि प्रकृति और माता-पिता व्यक्ति के प्रथम शिक्षक होते हैं। डॉ. सुलोचना शर्मा और अनुपमा जौहरी ने कहा कि गुरू-शिष्य के रिश्ते की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। इस दौरान रेणु सिंह, ममता शर्मा, कमलेश डबरिया, महेश मिश्रा और मकरन्द भट्ट समेत अन्य मौजूद रहे।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर डाला प्रकाश
टॉक शो में छात्रा दीपिका जांगिड़ और किरण मल्होत्रा ने पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके कारनामों के बारे में बताया। छात्रा दिव्या सिंह और तरन्नुम कुरैशी ने कहा कि गुरू ही हमें अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत कराते हैं, समाज में इनका बहुमुलय योगदान है। लविका जैदिया और जेहरा बानो ने कहा कि शिक्षक ही वो कड़ी हैं जो समाज में फैली बुराईयों को दूर कर सकती है। इस बीच राशी वालिया, खुशनुमा, काजल पटवा, सादिया कुरैशी, प्रियांशी खंडेलवाल, शिप्रा शर्मा और पूनम प्रजापत समेत अन्य छात्राओं ने भी अपनी बात रखी। टॉक शो का संचालन शैलेन्द्र शर्मा ने किया।
Published on:
05 Sept 2023 08:57 pm
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