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कोरोना से जंगः पीसीसी कंट्रोल रूम को खुद ऑक्सीजन की जरूरत, समस्याओं का लगा अंबार

प्रतिदिन 100 से ज्यादा शिकायतें मिल रही है पीसीसी कंट्रोल रूम को, 70 फीसदी शिकायतें ऑक्सीनजन और जीवन रक्षक दवाईयों की, निजी चिकित्सालय नहीं देते महत्व, कांग्रेस की वर्चुअल बैठक में भी करवाया था समस्याओं से अवगत

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pcc control room

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फिरोज सैफी/जयपुर।

कोविड-19 संक्रमण काल में लोगों की हर संभव मदद करने और उनकी समस्याओं के निस्तारण के उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में स्थापित किए गए कंट्रोल रूम में इन दिनों शिकायतों और समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। प्रदेशभर से प्रतिदिन सौ से ज्यादा शिकायतें कंट्रोल रूम को मिल रही हैं।

हालांकि बड़ी बात यह है कि पीसीसी कंट्रोल रूम में तैनात नेता और चिकित्सक चाहकर भी अधिकांश समस्याओं का समाधान करने में असफल साबित हो रहे हैं। दरअसल जो शिकायतें प्रदेश कंट्रोल रूम को मिल रही हैं उनका निस्तारण कर पाना असंभव साबित हो रहा है, ऐसे में कंट्रोल रूम में तैनात नेता चाहकर भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहे हैं।दरअसल कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी परेशानी निजी अस्पतालों को लेकर हैं जहां निजी अस्पताल कंट्रोल रूम की शिकायतों को महत्व नहीं दे रहे हैं।

ऑक्सीजन-रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग सर्वाधिक
दरअसल प्रदेश कांग्रेस कंट्रोल रूम को सबसे ज्यादा ज्यादा जो शिकायतें मिल रही हैं उनमें ऑक्सीजन उपलब्ध कराने, अस्पतालों में बैड दिलाने और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग सर्वाधिक है। हालांकि कंट्रोल रूम की ओर से बेड, जीवन रक्षक दवाएं और ऑक्सीजन की शिकायतें आने के बाद उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा जाता है लेकिन दूसरी तरफ भेजी गई शिकायतों के निस्तारण के संबंध में कोई जवाब नहीं आता, जिसके बाद कंट्रोल रूम में तैनात नेता भी मजबू होकर इसकी शिकायत पीसीसी नेतृत्व को कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रतिदिन प्रदेश के सभी जिलों से लगभग सौ से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं जिनमें से 60 से 70 फ़ीसदी शिकायतें ऑक्सीजन, अस्पतालों में बैड, और जीवन रक्ष दवाओं को लेकर है। कंट्रोल रूम में तैनात नेताओं की मानें तो चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को भी शिकायतें भेज कर तुरंत समाधान करने की बात कही जाती है लेकिन ना तो चिकित्सा विभाग और ना ही अन्य विभाग की ओर से प्रदेश कांग्रेस की ओर से भेजी गई शिकायतों का कोई निस्तारण हो पाता है।

नेताओं के साथ चिकित्सक भी तैनात हैं कंट्रोल रूम में
वहीं दूसरी ओर प्रदेश कमेटी कंट्रोल रूम में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नेताओं के साथ ही चिकित्सकों भी तैनाती की गई है जो अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर कंट्रोल रूम से फोन के जरिए संपर्क करने वाले लोगों को दवाइयों के साथ-साथ कोरोना से बचाव के सुझाव भी देते नजर आते हैं।

पीसीसी की बैठक में भी उठा मामला
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस की वर्चुअल हुई बैठक में भी कंट्रोल रूम में तैनात नेताओं ने ऑक्सीजन, बेड और जीवन रक्षक दवाओं की लगातार आ रही शिकायतों के निस्तारण नहीं होने को लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को भी अवगत करवाया था जिस पर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की ओर से कंट्रोल रूम में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कहीं गई थी। बावजूद इसके अभी तक भी पीसीसी में आ रही शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।