
यों ही बढ़ते रहे दाम तो, गाड़ी रखकर बस से जाना पड़ेगा
जयपुर . रोजाना बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। लगातार दामों में बढ़ोत्तरी के बाद सरकार के प्रति महिलाओं में भी गुस्सा है। महिलाओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इतने बढ़ा दिए अब लगता है कि खुद का वाहन खड़ा कर हमको बसों में सफर करना होगा। उन्होंने कहा कि दाम बढऩे के बाद घर का खर्च और वाहनों का सारा बजट गड़बड़ा गया। घर के खर्च कम कर पेट्रोल के लिए पैसे बचाने पड़ रहे हैं। अगर ऐसे अच्छे दिन हैं तो इससे से पहले के दिन ही अच्छे थे।
और महंगाई बढ़ेगी
मधु , कामकाजी महिला ने कहा कि पेट्रोल की कीमत बहुत ज्यादा है। इसका असर अब हरचीज की कीमत पर पड़ेगा और मंहगाई बढ़ेगी। सरकार को चाहिए पेट्रोल की कीमतों को कम करें। चाहे तो राज्य सरकार भी राहत दे सकती है।
कैसे गुजारा करेंगे
इन्दिरा ने कहा कि ये बेहद चिंता का विषय है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। यदि मंहगाई ऐसे ही बढ़ती गई तो घर कैसे चलेगा। हम मिडिल क्लास लोग कैसे अपना गुजारा करेंगे।
नोटबंदी का फायदा नहीं
जीत कौर, गृहिणी ने कहा कि नोटबन्दी के बाद लगा महंगाई में कुछ कमी होगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। घर में सभी काम पर बाहर जाते हैं तो सब को वाहन की जरूरत होती है, ऐसे में कैसे इसका भार उठा पाएंगे।
जेब खर्च पर असर
महक, छात्रा ने कहा कि रोज स्कूटी से ही कॉलेज जाते हैं। पेट्रोल के दाम बढऩे से पॉकेट मनी पर असर पड़ा है। दाम बढऩे के बाद हम दोस्तों ने भी एक-दूसरे के घर जाना कम कर दिया है।
नहीं निभाए वादे
हर्षिता जैन ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने इतने वादे किए, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। मंहगाई के कारण हमारे घर का बजट भी गड़बड़ा गया। अब महीनेभर का राशन एक साथ ही लाना पड़ रहा है।
दिखने लगा असर
समीक्षा, गृहिणी ने कहा कि घर के छोटे-मोटे कामों के लिए गाड़ी की आवश्यकता होती है, अगर पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी नहीं की तो इसका असर पडऩा तय है। अब लोकल ट्रांसपोर्ट ही यूज करना पड़ेगा।
बिगड़ा घर का बजट
पुष्पा शर्मा, गृहिणी, हसनपुरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई कम करने के वायदे किए थे, लेकिन दिनोंदिन लोगों पर भार बढ़ता ही जा रहा है। घर के बजट में भी काफी अंतर आया है। यदि ऐसा ही रहा था आम आदमी कहां जाएगा।
महंगाई का दर्द
साक्षी ने कहा कि चार साल से विकास का नारे लगाने वाले जनता की रोजी-रोटी छीनने में लगे हैं। पहले नोटबंदी, जीएसटी और अब पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी कर और दर्द दिए जा रहे हैं।
तो बस से सफर
गरिमा, छात्रा ने कहा कि सरकार दामों की बढ़ोत्तरी पर सिर्फ चर्चा ही कर रही है। कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहेगी तो अच्छे दिन कैसे आएंगे। हम स्टूडेंट कैसे स्कूटी अफोर्ट करेंगे। हमको बसों में आना-जाना पड़ेगा।
Published on:
28 May 2018 02:11 pm
