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दो वार्डों में लडख़ड़ाई डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था

लोगों में आक्रोश, घरों में कचरे की दुर्गंध से लोग परेशान

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Jaipur News

जयपुर . एक ओर तो जयपुर नगर निगम स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता रैंक में नंबर वन होने की दौड़ में लगा है वहीं दूसरी ओर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए छेड़ी गई डोर-टो-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। झोटवाड़ा की सभी कॉलोनियों में कचरा संग्रहण गाड़ी अपनी मनमर्जी से आती है जिससे घरों में कचरे के ढेर लग जाते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का देश को स्वच्छ बनाने का सपना कैसे साकार होगा।

खातीपुरा जसवंत नगर में कचरा परिवहन वाहन कभी कभार ही आता है ऐसे में घरों में कचरे और गंदगी के ढेर लग जाते हैं। अमूमन घरों में गीला और सूखा कचरा एक ही डस्टबिन में डाला जाता है इसके कारण यह कचरा पड़ा-पड़ा सड़ जाता है और दुर्गंध फैल जाती है जिससे लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ। जब दूसरी बार फोन करते हैं तो या तो जवाब मिलता है कि आपकी समस्या का समाधान तो हो चुका जबकि समस्या जस की तस रहती है या फिर किसी ऐसे जिम्मेदार के फोन नंबर दे पल्ला झाड़ लेते हैं जो कभी फोन रिसीव ही नहीं करता। स्थानीय निवासी महावीर सिंह ने कहा कि जब कई दिन तक कचरा गाड़ी नहीं आती तो वे रात के समय बाइक से रेल लाइन के पास कचरा डाल आते हैं क्योंकि इसके अलावा उनके पास कोई उपाय नहीं है।

पता नहीं चलता कब आती हैं गाडिय़ां

सुंदर नगर में भी कचरा उठाने वाली हूपर गाड़ी नियमित नहीं आती। पहले लोगों ने निजी तौर पर कचरा उठाने की व्यवस्था कर रखी थी लेकिन सरकारी सुविधा प्रारंभ होने के बाद उन्होंने उसे हटा दिया जिसका खमियाजा उन्हें कचरे और दुर्गंध में रह कर भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी श्रवण सिंह खंगारोत ने बताया कि कचरा संग्रहण गाड़ी कभी-कभार आती भी है तो उसमें स्वच्छ भारत का गाना नहीं बजता जिससे लोगों को गाड़ी आने का पता ही नहीं चलता।

आने का नीयत समय नहीं

स्थानीय निवासी राजवीर सिंह शेखावत ने कहा कि यंू तो कॉलोनी में गाड़ी आती ही नहीं लेकिन कभी आती भी है तो आने का कोई नियत समय नहीं है। कभी सुबह 7 बजे ही आ जाती है तो कभी दोपहर 12 बजे के बाद आती है। ऐसे में पुरुष तो काम पर चले जाते हैं और घरों में मौजूद महिलाएं घर के काम में व्यस्त हो जाती हैं जिससे उन्हें गाड़ी आने का पता ही नहीं चलता।

डस्टबिन हटा दिए, संकट हो गया कहां

नानूपुरी में भी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था लोगों के जी का जंजाल बन गई है। लोगों का कहना है कि पहले कॉलोनी में डस्टबिन पड़े थे जिससे लोग कचरा उनमें डाल देते थे लेकिन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रारंभ होने के साथ ही कॉलोनी में पड़े डस्टबिन हटा दिए। जिससे लोगों के सामने घरों का कचरा डालने का संकट पैदा हो गया क्योंकि हूपर गाड़ी कभी-कभार ही आती है। और आती भी है तो रुकती नहीं लगातार चलती रहती है। लोग डस्टबिन ले घर के बाहर आते हैं इतने में गाड़ी दूर चली जाती है और वे कचरा गाड़ी में नहीं डाल पाते।

नहीं सुनते जिम्मेदार

स्थानीय निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संदर्भ में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। इसके बाद जब उन्होंने जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई तो कोई संतोषजनक जवाब ही नहीं मिला। लोगों ने बताया कि जब उन्होंने गाड़ी चालक से इस बारे में बात की तो उसने भी बहाना निकाल बात को टाल दिया।

बीमारियों का खतरा

इधर गुर्जर कॉलोनी में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां भी कचरा परिवहन गाड़ी कभी नियमित रूप से नहीं आई परिणामस्वरूप लोगों का कचरे और दुर्गंध के कारण घरों में रहना दूभर हो रहा है। लोगों ने कहा कि घरों में गंदगी एकत्रित होने के कारण कॉलोनी में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि जब से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रारंभ हुई है कभी भी कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित नहीं आई। कभी आती भी है तो उसका कोई समय नहीं होता ऐसे में लोगों को पता ही नहीं चलता कि गाड़ी कब आई और कब चली भी गई जिससे वे कचरा डालने से चूक जाते हैं और घरों में कचरे के ढेर लग जाते हैं।

इनका कहना

जितेश नरूका, प्रभारी ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, विद्याधर नगर जोन गाडिय़ां प्रत्येक कॉलोनी में जा रही है जिनकी रोज जीपीएस से चेकिंग की जाती है। लोग सुबह जल्दी उठते नहीं जिससे उन्हें गाड़ी आने का पता ही नही लगता।

गणेश सैनी, पार्षद वार्ड 13 ने कहा कि शिकायत बिल्कुल सही है। कचरा उठाने वाली गाडिय़ां नहीं आ रही। मैंने इस संबंध में महापौर, कमिश्नर सबको पत्र लिख रखा है लेकिन मुझे भी वहां से आश्वासन ही मिल रहा है।

संजय जांगिड़, पार्षद वार्ड 14 ने कहा कि नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था बिल्कुल सही नहीं है। मेरे पास रोज कई फोन आते हैं। या तो निगम को इस सुविधा में सुधार करना चाहिए या इस बिलकुल बंद कर देना चाहिए। जनता इससे पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है।