
एक बेटा जांचों के फेर में उलझा, कराने आया था मां का इलाज
जयपुर . लकवाग्रस्त मां का विशेषज्ञों डॉक्टरों से सस्ता इलाज कराने एसएमएस अस्पताल पहुंचा एक बेटा जांचों के फेर में उलझ गया। महज आधार कार्ड की फोटो कॉपी के लिए उसे १० घंटे तक इन्तजार करना पड़ा। मां को लेकर वह रात ३ से दोपहर १ बजे तक अस्पताल में घूमता रहा। इस दौरान जांच कराने के नाम पर कोई लपका उससे ६ हजार रुपए ऐंठ ले गया।
मामले के अनुसार करौली जिले के सपोटरा तहसील का रमेशचंद मीणा अपनी लकवाग्रस्त मां कंचनदेवी को लेकर मंगलवार रात करीब ३ बजे एसएमएस अस्पताल पहुंचा। यहां इमरजेंसी में दिखाया, जहां सीटी स्केन जांच के लिए भेज दिया। वहां आधार की फोटोकॉपी मांगी गई। रमेश ने आसपास तलाश की मगर कहीं भी फोटोकॉपी की दुकान खुली हुई नहीं थी। इस पर सुबह ८ बजे दुकान खुलने तक इंतजार करता रहा। फिर जांच के बाद डॉक्टर को दिखाने गया तो एमआरआइ की जांच लिख दी गई। बांगड़ में एमआरआइ कराने गया तो २७ मई की तारीख दे दी गई। बाद में पत्रिका टीम की मदद से कर्मचारियों ने दोपहर १ बजे कंचन को अस्पताल में भर्ती कराया।
यों पड़ी दोहरी मार
रमेश मीणा ने बताया कि बांगड़ में कर्मचारी की डे्रस में आए एक व्यक्ति ने जल्दी एमआरआइ रिपोर्ट दिलाने का हवाला दे साथ ले गया। एमआरआइ सेंटर में बिल कटाने के नाम पर 6 हजार लिए और भीड़ में गुम हो गया। रमेश ने एसएमएस पुलिस चौकी में इसकी शिकायत दी है।
लोगों के कहने पर अच्छे इलाज की उम्मीद लिए मां को लाया था। यहां आकर उम्मीद टूट गई। दस घंटे तक बाद भी इलाज शुरू नहीं हुआ।
रमेश मीणा, पीडि़त
ऐसा हुआ है तो गलत है। लपकों के खिलाफ अस्पताल और पुलिस कार्रवाई कर रही है। आधार कार्ड के लिए जांच में देर करने पर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा।
डीएस मीणा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल
Published on:
24 May 2018 12:43 pm
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