जयपुर. कहने को तो शहर स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कचरा उठाने और उसको कचरागाह तक पहुंचाने का ढर्रा वर्षों पुराना है। आबादी के बीच में बने ट्रांसफर स्टेशन (डंपिंग यार्ड) से आम लोगों ने तो रास्ता बदल लिया और पुलिस भी परेशान है, लेकिन निगम अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। शहर के इन ट्रांसफर स्टेशन पर दोपहर दो बजे तक तो एक के बाद एक हूपर आते रहते हैं और उसके बाद शाम तक कचरा उठता रहता है।
दीवार टूटी, सड़क पर कचरा
जगतपुरा रोड पर बने ट्रांसफर स्टेशन की दीवार ही टूटी है। स्थानीय लोगों का कहना है की इसकी वजह से घरों तक बदबू आती है। कई बार कचरे की गाड़ी में से कचरा सड़क पर गिर जाता है। इसको कोई उठाता भी नहीं है। दीवार टूटी होने की वजह से कुत्ते कचरे को उठाकर कॉलोनियों में ले आते हैं।
बारिश में बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा
कालवाड़ रोड स्थित मार्बल मंडी के पास बने कचरा ट्रांसफर स्टेशन का और बुरा हाल है। इस ट्रांसफर स्टेशन से पास बनी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को मास्क लगाकर रहना पड़ता है।
ट्रांसफर स्टेशन पर नियमित रूप से कचरा नहीं उठने से बीमारियों का अंदेशा बना रहता है। बारिश में तो निकलना मुश्किल हो जाता है। निगम में कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-अजय शर्मा, कालवाड़ रोड
कचरा न उठने से बरसात के दिनों में घर में रहना मुश्किल हो जाता है। निगम के जोन कार्यालय से लेकर मुख्यालय तक में शिकायत की, लेकिन इसे हटाने का प्लान नहीं बनाया गया।
-वीना श्रीवास्तव, जगतपुरा
चौकी के पीछे डंपिंग यार्ड बना हुआ है। ड्यूटी के वक्त बदबू के कारण चौकी पर खड़ा रहना भी मुश्किल होता है। यार्ड में पड़े कचरे की बदबू से चेहरे पर मजबूरन मास्क लगाना पड़ रहा है।
– प्रदीप सिंह, करधनी चौकी प्रभारी, झोटवाड़ा