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7 किमी की दूरी लिए लोगो को लगाना पड़ रहा हैं 21 किमी का फेरा

दो धार्मिक नगरी के बीच सडक़ की नहीं सुध, जर्जर सडक़ पर रोज हो रहे हादसे

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जयपुर . राजधानी के पास दो धार्मिक नगरी गोनेर व पदमपुरा की बीच की दूरी मात्र 7 किलोमीटर है, लेकिन श्रद्धालुओं को एक-दूसरे गांव पहुंचने के लिए 21 किमी. का चक्कर लगाना पड़ रहा है। गोनेर में प्रसिद्ध लक्ष्मी जगदीश मंदिर तो बाड़ा पदमपुरा में जैन तीर्थ स्थल है। दोनों के बीच की सडक़ इतनी जर्जर है कि इस वाहन तो दूर चल सकते हैं और न ही पैदल श्रद्धालु। यह स्थान धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विख्यात इन गांवों में बाड़ा पदमपुरा को दौसा सांसद हरिश्चन्द्र मीणा ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद ले रखा है। गोनेर गांव को मुख्यमंत्री डिजिटल व हैरिटेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। जर्जर सडक़ के कारण श्रद्धालुओं को अन्य रास्तों से होते ही यहां आना पड़ता है।

दो जोन में उलझा मामला

सडक़ जेडीए के जोन 9 व14 में लगती है। दोनों में तालमेल न होने से जर्जर सडक़ सही नहीं हो पा रही है। सांसद ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत मार्च, 16 में तत्कालीन जेडीसी शिखर अग्रवाल को ग्राम बाड़ा पदमपुरा से गोनेर मंदिर तक सडक़ के डामरीकरण व चौड़ाई बढ़ाने को पत्र लिखा था, एक साल बाद भी कुछ नहीं हुआ।

देश-विदेश के आते है श्रद्धालु

समाजसेवी पारसमल बाकलीवालने बताया की सडक़ की दुर्दशा के कारण जैन संतो के विहार के साथ ही देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है।

श्री लक्ष्मी जगदीश मंदिर पुजारी लोकेश शर्मा ने बताया की गोनेर से बाड़ा पदमपुरा की सडक़ की जर्जर है। इससे दण्डवत कर आने वाले भक्तों को अधिक शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ता है।-

मुख्यमंत्री दे चुकी दो बार निर्देश

गोनेर उपसरपंच अरुण जैन ने बताया कि सडक़ की दुर्दशा को लेकर 2016 में जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को अवगत कराया जा चुका है। तब मुख्यमंत्री ने तत्कालीन जेडीसी शिखर अग्रवाल को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद 2017 में मुख्यमंत्री को पुन: अवगत करवाया गया था।