
विजय शर्मा / जयपुर. अगर आप वाहन खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लीजिए आपको वाहन तो तुरंत मिल जाएगा, लेकिन वाहन की एचएसआरपी नंबर प्लेट और इसके बाद आरसी के लिए आपको डीलर और आरटीओ के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। क्योंकि लोगों को 45 दिन बाद भी आरसी हाथ नहीं आ रही है। परिवहन मंत्रालय की ओर से एचएसआरपी की नई गाइड लाइन जारी की गई है। लेकिन वाहन कंपनियां गाइड लाइन की पालना नहीं कर कर रही है। ऐसे में लोगों को सुविधा होने के बजाय नंबर प्लेट लेने की प्रक्रिया जटिल हो गई है। इससे आरसी भी लेट हो रही है।
जयपुर की बात करें तो जहां पर नॉन ट्रांसपोर्ट की करीब सात हजार तो वहीं ट्रांसपोर्ट वाहनों की करीब 500 आरसी पेंडेंसी चल रही है। प्रदेश का आंकड़ा देखें तो नॉन ट्रांसपोर्ट की 20 हजार आरसी और ट्रांसपोर्ट की करीब पांच हजार आरसी पेंडेंसी चल रही है। इस समस्या के चलते लोग वाहन तो सड़क पर उतार रहे हैं, लेकिन वे बिना आरसी के ही चला रहे हैं। ऐसे में वाहनों के चालान तक हो रहे हैं। लेकिन भारी और कॉमर्शियल वाहन बिना आरसी नहीं चल रहे। ऐसे में उन्हें खड़े वाहन की किश्त देनी पड़ रही है। इसके बाद भी परिवहन विभाग की ओर से मैनुफेक्चरिंग कंपनियों को नई गाइड लाइन की पालना के निर्देश जारी नहीं किए जा रहे हैं।
जानिए क्या है नई गाइड लाइन
परिवहन मंत्रालय की ओर से एचएसआरपी की गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत एक अप्रैल के बाद बने नए वाहन खरीद के समय पर ही वाहन पर एचएसआरपी यानी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट जारी किया जाएगा और वाहन का रजिस्ट्रेशन कर मालिक को वाहन सौंप दिया जाएगा। इससे वाहन मालिक को हाथों हाथ नंबर प्लेट के साथ वाहन उपलब्ध हो सकेगा। उसे चक्कर लगाने नहीं पड़ेगे।
लेकिन हो क्या रहा
गाइड लाइन की सही क्रियान्विती नहीं हो पा रही है। डीलर वाहन का पहले रजिस्ट्रेशन कर रहा है, फिर एचएसआरपी के लिए उसका डेटा मैनुफेक्चरिंंग कंपनी को भेज रहा है। कंपनी फिर उस डेटा को एचएसआरपी मैनुफेक्चरिंग कंपनी के पास भेज रही है और फिर एचएसआरपी मैनुफेक्चरिंग कंपनी उसे नंबर प्लेट का काम करने वाली फर्म के पास भेज रही है। जहां से नंबर प्लेट बनकर फिर इसी प्रक्रिया के तहत डीलर तक पहुंच रही है। इसमें पूरे 10 दिन तक का समय लग रहा है। वाहन मालिक को नंबर प्लेट मिल रही है इसके बाद आरसी बनने की प्रक्रिया शुरू हो रही है।
ये व्यवस्था हो तो मिले राहत
गाइड लाइन में निर्देशित किया गया है कि मैनुफेक्चरिंग कंपनियां डीलर को एचएसआरपी यानी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। जहां डीलर वाहन बेचने के दौरान ही मालिक को यह सारी सुविधा देने के बाद रजिस्ट्रेशन करेगा। जबकि अभी पहले रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है फिर नंबर प्लेट दी जा रही है।
Published on:
06 Jun 2019 07:45 am
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