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… तो मीराबाई का सपना रहेगा अधूरा, नहीं बदल पाएगी पदक का रंग

पेरिस ओलंपिक से हट सकती है भारोत्तोलन स्पर्धा...विवाद और डोपिंग के चलते लिया जा सकता है फैसला.....आईओसी कार्यकारी बोर्ड को मतदान कर हटाने के अधिकार

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नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू का पेरिस ओलंपिक में अपने पदक का रंग बदलने का सपना अधूरा रह सकता है। क्योंकि भारोत्तोलन और मुक्केबाजी की संचालन व्यवस्था लंबे समय से विवादों से घिरी रही है। भारोत्तोलन के साथ डोपिंग की समस्या भी जुड़ी हुई है और ऐसे में इस खेल पर पेरिस में 2024 खेलों से बाहर किए जाने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे कारण टोक्यों ओलंपिक 2020 में में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू इस खेल में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। इन दोनों खेलों से जुड़े मुद्दों को देखते हुए ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्यों ने मतदान करके खेलों की सर्वोच्च संस्था को किसी खेल को ओलंपिक कार्यक्रम से बाहर करने के अधिक अधिकार दिये।
आईओसी के अनुसार अब यदि कोई खेल आईओसी के कार्यकारी बोर्ड के फैसलों का पालन नहीं करता है या ऐसे काम करता है जिससे ओलंपिक आंदोलन की छवि धूमिल होती हो तो आईओसी उसे ओलंपिक कार्यक्रम से हटा सकती है।
आईओसी प्रमुख थामस बाक की अध्यक्षता वाले कार्यकारी बोर्ड को किसी खेल की संचालन संस्था के किसी निर्णय का पालन नहीं करने या उसे मानने से इनकार करने पर किसी खेल या स्पर्धा को ओलंपिक से निलंबित करने का नया अधिकार भी मिल गया है। इसका सबसे अधिक प्रभाव मुक्केबाजी और भारोत्तोलन पर पड़ सकता है। मुक्केबाजी में पेरिस ओलंपिक के लिये खिलाडिय़ों का कोटा पहले ही कम कर दिया गया है लेकिन भारोत्तोलन को इन खेलों से पूरी तरह से ही हटाया जा सकता है।
आईओसी के उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा, हाल में आईओसी को कुछ अंतरराष्ट्रीय महासंघों के संचालन से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ा। भारोत्तोलन से लंबे समय से डोपिंग ओर संचालन संबंधी मुद्दे जुड़े हुए हैं। इनमें वित्तीय भ्रष्टाचार भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ की अगुवाई दो दशक तक टामस अजान ने की। उन्हें पिछले साल अपना पद छोडऩा पड़ा था। रियो ओलंपिक 2016 में मुकाबलों पर उठाए गए सवालों और अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी चिंताओं के कारण टोक्यो खेलों की मुक्केबाजी को 2019 में ही अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ के नियंत्रण से हटा दिया गया था।
चानू ने टोक्यो ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा के पहले दिन ही भारोत्तोलन के 49 किग्रा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने को अपना लक्ष्य बनाया है।